बृजेश कबीर, हरदोई: एक अवैध रिश्ते ने पहले एक घर की नींव हिलाई, फिर ’घर-वाली’ की जिंदगी छीन ली। आरोप है, देहात कोतवाली क्षेत्र के कनेहटा के सत्यपाल यादव के बड़े भाई की साली से संबंध थे। वह उसे घर में रखने लगा था। विरोध में पत्नी कोमल पति से अलग संडीला में रहने लगी थी। बच्चों से मिलने के लिए कभी-कभी गांव आती थी। बृहस्पतिवार को भी वह बेटे के बुलाने पर लालपालपुर चौराहे पहुंची थी, लेकिन वहां पति से सामना हो गया। कहासुनी के बाद पति ने उसे सड़क पर पीट दिया।
घायल कोमल को सौ शैय्या अस्पताल में भर्ती कराया गया। रात में सत्यपाल भाई सत्यप्रकाश के साथ पहुंचा और ‘बेहतर इलाज’ की बात कहकर पत्नी को साथ ले गया। दोनों उसे मंगोलापुर के जंगल में ले गए। शनिवार सुबह वहीं झाड़ियों में कोमल की लाश मिली। शरीर पर 14 चोटों के निशान थे। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। पुलिस ने पति और उसके भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
रिश्ते में ’तीसरी मौजूदगी’ से बढ़ी दरार
कोमल (36) लखनऊ के नाका कोतवाली क्षेत्र के बिरहाना की रहने वाली थी। करीब 17 वर्ष पहले उसका ब्याह कनेहटा के सत्यपाल यादव से हुआ था। दंपती के चार बच्चे हैं। परिजनों के मुताबिक, कुछ समय से दोनों के रिश्ते ठीक नहीं थे। आरोप है, सत्यपाल के बड़े भाई की साली से संबंध हो गए थे। बाद में वह उसे घर में रखने लगा। पत्नी ने इसका विरोध किया तो विवाद लगातार बढ़ता गया। आखिरकार कोमल सबसे छोटे बच्चे के साथ संडीला चली गई। वहां प्लाईवुड फैक्टरी में काम करके गुजर-बसर करने लगी। बाकी बच्चों से मिलने के लिए वह कभी-कभी कनेहटा आती थी।
बेटे के बुलाने पर पहुंची, पति से भिड़ंत
बृहस्पतिवार शाम कोमल बड़े बेटे के बुलाने पर लालपालपुर चौराहे पहुंची थी। बेटे ने उसे कपड़े खरीदने के लिए बुलाया था। वहां अचानक सत्यपाल से सामना हो गया। दोनों के बीच पहले कहासुनी हुई। आरोप है, विवाद बढ़ने पर सत्यपाल ने कोमल को सड़क पर गिराकर लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया। महिला गंभीर घायल हो गई। चौराहे पर मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप किया और उसे बचाकर सौ शैय्या अस्पताल पहुंचाया।
इलाज का झांसा, मंगोलापुर के जंगल में उतारा मौत के घाट
सौ शैय्या अस्पताल से देर रात सत्यपाल और उसका भाई सत्यप्रकाश कोमल को बेहतर इलाज की बात कह साथ ले गए। इलाज की जगह सफर मंगोलापुर के जंगल की ओर मुड़ गया। पुलिस के मुताबिक, जंगल में कोमल पर हमला किया गया। उसके शरीर पर 14 चोटों के निशान मिले हैं। हमले के बाद उसका गला दबाया गया, जिससे मौत हो गई। शव को झाड़ियों में छोड़ दिया गया।
जंगल में मिली लाश ने खोली वारदात
शनिवार सुबह मंगोलापुर के जंगल से गुजर रहे चौकीदार ने झाड़ियों में महिला का शव देखा। सूचना पर क्षेत्राधिकारी नगर अजीत चौहान, देहात कोतवाली पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शव की पहचान के बाद पुलिस ने उसके अस्पताल पहुंचने से लेकर वहां से निकलने तक की जानकारी जुटाई। पता चला, रात में पति और उसका भाई उसे अस्पताल से ले गए थे।
नाजायज रिश्ते ने लिखी भयावह वारदाद की कहानी
पुलिस ने सत्यपाल और उसके भाई सत्यप्रकाश को हिरासत में ले लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है, जंगल में हत्या की पूरी साजिश कैसे रची गई, वारदात में दोनों की क्या भूमिका रही और हमले में किस वस्तु या हथियार का इस्तेमाल किया गया। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई है। शरीर पर मिले 14 चोटों के निशान बताते हैं कि मौत से पहले महिला की बेरहमी से मारपीट की गई। एक रिश्ते ने पहले पति-पत्नी के बीच दूरी पैदा की, फिर वही विवाद उस भयावह अंजाम तक पहुंच गया, जिसकी कल्पना शायद कोमल ने अस्पताल से पति के साथ निकलते वक्त भी नहीं की होगी।