ग्वालियरः शहर के ट्रैफिक को बेहतर बनाने के लिए प्रस्तावित फ्लाईओवर को लेकर विरोध तेज हो गया है। रामदास घाटी से शिंदे की छावनी होते हुए नौगजा रोड तक करीब 2.6 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर की योजना से स्थानीय लोगों और व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है, गुरुवार को रहवासियों, दुकानदारों और सामाजिक संगठनों ने रैली निकालकर विरोध जताया ।
स्थानीय लोगों का दावा है कि फ्लाईओवर निर्माण की जद में करीब 150 मकान आ सकते हैं। वहीं सड़क चौड़ीकरण के कारण 250 अन्य मकानों पर भी कार्रवाई की आशंका है। हालांकि, इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है ।
दुकानदारों को रोजगार छिनने की चिंता
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि वे शहर के विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन परियोजना बनाते समय प्रभावित परिवारों और कारोबारियों की स्थिति पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। छोटे दुकानदारों को डर है कि दुकान टूटने से उनकी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है।
व्यापारियों का दावा है कि सड़क पर डिवाइडर बनने के बाद ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई है। ऐसे में फ्लाईओवर की योजना से उनकी चिंता और बढ़ गई है।
वैकल्पिक रास्ते और पुनर्वास पर उठे सवाल
आंदोलन से जुड़े लोगों ने रेलवे लाइन के पास मौजूद पुराने मार्ग को वैकल्पिक रास्ते के रूप में इस्तेमाल करने की संभावना पर विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसा विकल्प तलाशा जाना चाहिए, जिससे यातायात में सुधार हो और लोगों के मकान-दुकानों को कम से कम नुकसान पहुंचे।
अब सवाल यह है कि क्या परियोजना में किसी वैकल्पिक मार्ग की गुंजाइश है और प्रभावित लोगों के लिए मुआवजे या पुनर्वास की क्या व्यवस्था होगी। फिलहाल, इन मुद्दों पर प्रशासन का आधिकारिक पक्ष और परियोजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।