ग्वालियर। शहर के शीतला माता मंदिर के गेट पर हुए हादसे के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ग्वालियर पहुंचे। घायलों का हाल जानने वह सीधे ट्रॉमा सेंटर गए, लेकिन लौटते समय वहां अचानक अफरा तफरी मच गई। उनका काफिला निकल ही रहा था कि एक घायल की परिजन सड़क पर लेट गईं और गाड़ियां रोकने की कोशिश की।
ट्रॉमा सेंटर में क्या हुआ
मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और जिले के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट भी थे। मुख्यमंत्री ने घायलों से मुलाकात की और इलाज की जानकारी ली। इस दौरान सिंधिया उन्हें मरीजों की हालत और हादसे के घटनाक्रम के बारे में बताते दिखे।

काफिले के सामने लेट गईं परिजन
मुख्यमंत्री जब ट्रॉमा सेंटर से रवाना हो रहे थे, तभी घायल की एक परिजन सड़क पर लेट गईं। इससे वहां मौजूद लोग सकते में आ गए। महिला की मांग क्या थी और बाद में क्या हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इसी दौरान जीआरएमसी के डीन मनोज शर्मा को थप्पड़ मारे जाने की खबर भी आई। किसने और किन हालात में ऐसा किया, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
सीएम बोले, घायलों का इलाज पहली प्राथमिकता
ट्रॉमा सेंटर में पत्रकारों से बात करते हुए मोहन यादव ने कहा कि सरकार की पहली चिंता घायलों को बेहतर इलाज देना है। जरूरत पड़ी तो एयर एंबुलेंस का इंतजाम भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हादसे की जांच चल रही है और तुरंत कार्रवाई हो चुकी है। जरूरत पड़ने पर इससे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
मृतकों के परिवारों से भी मिलेंगे
दौरे के कार्यक्रम में हादसे में जान गंवाने वालों के स्वजन से मिलकर संवेदना जताना भी शामिल है। मुख्यमंत्री मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और अफसरों के साथ उच्चस्तरीय बैठक भी कर सकते हैं। माना जा रहा है कि बैठक में हादसे के कारणों, घायलों के इलाज और जिम्मेदारों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा होगी।