बृजेश कबीर, हरदोई: सिटी कोतवाली अंतर्गत सांडी चुंगी क्षेत्र के रामज्ञान गुप्ता (प्रदेश सचिव, समाजवादी व्यापार सभा) के विरुद्ध गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई है। अपर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय से जारी नोटिस के बाद रामज्ञान शुक्रवार को पेश हुए। मामले में अगली पेशी 13 नवंबर को होगी। कार्रवाई पर अखिल भारतीय ओबीसी अनुसूचित महासभा प्रदेश अध्यक्ष सतीश कुमार वर्मा (जिला बदर रहे) ने सवाल उठाते हुए पुलिस की कार्यशैली का विरोध किया है।
न्यायालय से जारी नोटिस में उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 की धारा 3(3) के तहत रामज्ञान गुप्ता से जवाब मांगा गया है। नोटिस में पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचना के आधार पर उनकी गतिविधियों को लेकर आशंकाएं जताई गई हैं। साथ ही भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामलों और पुलिस की बीट सूचना का उल्लेख किया गया है।
दस्तावेज में मुकदमा अपराध संख्या 362/2026, 256/2025, 584/2024 और 182/2022 का जिक्र है। न्यायालय ने रामज्ञान गुप्ता को आरोपों के संबंध में पक्ष रखने और समर्थन में साक्ष्य देने का अवसर दिया है। मामले में अगली पेशी 13 नवंबर को निर्धारित की गई है। फिलहाल न्यायालय की प्रक्रिया जारी है और आरोपों पर अंतिम निर्णय होना बाकी है।
‘समाजसेवी रामज्ञान गुप्ता गुंडा नहीं’
ओबीसी अनुसूचित महासभा प्रदेश अध्यक्ष/निजामपुर प्रधान प्रतिनिधि सतीश वर्मा ने कहा, रामज्ञान गुप्ता समाजसेवी हैं, गुंडा नहीं। वह किसी राजनीतिक दल से जुड़े हों, लेकिन पहले भारत के नागरिक हैं। उन्हें अपने अधिकारों के संरक्षण का हक है। सतीश ने कार्रवाई पक्षपातपूर्ण बताई। कहा, निर्दोष के खिलाफ पद की शक्ति का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्दोष लोगों को परेशान करने वाले पुलिस अधिकारियों को चिह्नित कर कार्रवाई की मांग की। कहा, वह रामज्ञान गुप्ता पर की गई कार्रवाई का पुरजोर विरोध करते हैं।