महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित ऐतिहासिक सिरपुर अब यूनेस्को की विश्व विरासत अस्थायी सूची का हिस्सा बन गया है। इस सूची में लक्ष्मण मंदिर समेत यहाँ के कई प्रमुख स्थल दर्ज किए गए हैं। इसे स्थायी विश्व धरोहर का दर्जा पाने की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।
दरअसल, छत्तीसगढ़ के सिरपुर के लिए यह खबर बड़ी उपलब्धि लेकर आई है। यूनेस्को ने इस प्राचीन स्थल को अपनी विश्व विरासत की अस्थायी सूची में शामिल कर लिया है। महासमुंद जिले के लोग इसे अपने इलाके के लिए गर्वा का मौका बता रहे हैं। सिरपुर लंबे समय से इतिहासकारों, पुरातत्वविदों और पर्यटकों को अपनी ओर खींचता रहा है। अब इस फैसले से इसकी पहचान दुनिया के नक्शे पर और मजबूत होने की उम्मीद है।
सूची में शामिल हुए कई स्थल
यूनेस्को की अस्थायी सूची में सिरपुर के सिर्फ एक नहीं, कई अहम स्थलों को जगह मिली है। इनमें लक्ष्मण मंदिर, बाजा परिसर, तीवर देव विहार और राम मंदिर शामिल हैं। इसके अलावा कुछ और ऐतिहासिक स्थल की सूची में रखे गए हैं। अपनी प्राचीन वास्तुकला, सांस्कृतिक अहमियत और इतिहास से जुड़ाव के कारण ये स्थल पहले से ही अलग पहचान रखते हैं।
स्थायी दर्ज की ओर पहला कदम
अस्थायी सूची में अपना नाम विश्व विरासत स्थल बनने की प्रक्रिया का शुरुआती पड़ाव माना जाता है। जानकारों के मुताबिक इस मान्यता से सिरपुर के लिए आगे का रास्ता आसान होगा। उनका मानना है कि इससे यहां पर्यटन को रफ्तार मिलेगी। साथ ही संरक्षण और विकास के कामों में भी तेजी आने की उम्मीद है।
महासमुंद और छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण
सिरपुर छत्तीसगढ़ की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत की पहचान है। अस्थायी सूची में शामिल होने के बाद अब इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा पहचान मिलेगी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में सिरपुर स्थायी विश्व धरोहर स्थल के रूप में भी दर्ज होगा।