मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर में रविवार को शारदीय नवरात्रि मेले का आगाज हुआ। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा- अर्चना की गई। सुबह तीन बजे जैसे ही मां शारदा मंदिर के पट खुले दर्शन के लिए भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। देश के अलग-अलग जिलों और राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मैहर पुहंचे। मंदिर में मां शारदा का लाल परिधान मनमोहक श्रृंगार किया गया। प्रशासन की व्यवस्थाओं के बीच श्रद्धालुओं ने आसानी से दर्शन किए।
दोपहर तक एक लाख से ज्यादा भक्तों ने किए दर्शन
प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, 11 अक्टूबर को सुबह से दोपहर एक बजे तक कुल 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। इनमें 1 लाख 723 श्रद्धालु पैदल मार्ग, 1 हजार 561 वैन मार्ग और 2,500 श्रद्धालु रोपवे से माता के दरबार तक पहुंचे। इससे पहले की जानकारी के अनुसार सुबह 11 बजे तक ही 75 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे।
श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं की जमकर तारीफ की
दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं ने प्रशासन और पुलिस के इंतजाम को सराहा। गोंदिया से आए रविकांत और उनके साथियों ने बताया कि वे पिछले 11 साल से लगातार मां के दर्शन के लिए मैहर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार भी व्यवस्था बेहतर मिली। महाराष्ट्र से आए भक्तों ने भी इंतजामों की तारीफ की। उन्होंने मंदिर परिसर में चली आशीर्वाद भोग प्रसाद व्यवस्था को भी आगे भी जारी रखने की अपील की है। नरसिंहपुर के जगन्नाथ प्रजापति ने प्रशासन का आभार जताया। दतिया से आए एक भक्त ने कहा कि पुलिस प्रशासन की वजह से दर्शन सुगमता से हो रहे हैं।
चाक चौबंद व्यवस्था से मिली सुविधा
बता दें कि मंदिर में दर्शन और मेला क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बरती गई है। इस दौरान 650 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। वे मंदिर के रास्तों और मेला परिसर में मुस्तैदी से चौकसी बरत रहे हैं। इसके साथ ही सीसीटीवी भी लगे हैं। साथ ही मेडिकल फेसिलिटी भी उपलब्ध हैं। इसके चलते पन्ना से दर्शन करने आए एक बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली तो स्वास्थ्य दल के डॉ तुरंत मौके पहुंचे। जांच में तेज बुखार और चक्कर की शिकायत सामने आई। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से सिविल अस्पताल भेजा गया।
लाखों दर्शकों के पहुंचने से निर्देशों के पालन की अपील
नवरात्रि मेला के दौरान आने वाले दिनों में लगभग 10 से 12 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावन है। इसे देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं से तय मार्गों का इस्तेमाल करने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारू बनी रहे।