इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूध के दाम बढ़ गए हैं। इसके साथ ही किसानों और विक्रेताओं के बीच खींचतान भी शुरू हो गई है। इंदौर दूध विक्रेता संघ ने 1 अक्टूबर से घर पहुंच दूध का रेट 63 से बढ़ाकर 65 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। दुकानों पर खुला दूध अप 68 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। उधर मध्य प्रदेश दूध किसान संघ इस बढ़ोतरी से संतुष्ट नहीं है। किसान 70 रुपये प्रति लीटर खरीद मूल्य मांग रहा है।
विक्रेता संघ ने क्या तय किया
संघ अध्यक्ष भरत मथुरावाला के अनुसार, अभी 63 रुपये के रेट में 62 रुपये दूध और 1 रुपया डिलीवरी चार्ज का है। नए रेट में 64 रुपये दूध के और 1 रुपया डिलीवरी का जुड़ेगा। यानी कुल 65 रुपये भाव रहने वाला है। मथुरावाला के अनुसार संघ 38 साल से काम कर रहा है। साथ ही पंजीकृत संस्था है। उन्होने कहा कि किसानों को लागत के हिसाब से भुगतान दिलाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उपभोक्ताओं पर फालतू बोझ न डालना भी है।
संघ का कहना है कि फैट के हिसाब से किसानों को पहले 8.90 रुपये प्रति फैट मिल रहा था। अब यह 9.23 रुपये कर दिया गया है। मथुरावाला का दावा है कि यह भुगतान सांची से ज्यादा है। उन्होंने यह भी बताया कि देवास,उज्जैन, धार और खंडवा जैसे आसपास के इलाकों में भी दूध करीब 2 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है।
किसान संघ को क्यों नहीं जंच रहा यह भाव
किसान संघ के अध्यक्ष दिलीप सिंह पंवार के अनुसार, हाल की 3 रुपये की बढ़ोतरी में भी 1 रुपया डिलीवरी चार्ज गिना गया है। यानी किसान के हाथ में असल में कम ही आता है। संघ की मांग है कि खरीद मूल्य 70 रुपये प्रति लीटर हो। फैट के आधार पर भुगतान पर भी किसान तैयार हैं, लेकिन इसके लिए 12 रुपये प्रति फैट मांग रहे हैं। पंवार ने तर्क दिया कि इंदौर के कुछ दूसरे दूध कारोबारियों के यहां खरीद 65 से 68 रुपये और बिक्री 70 से 72 रुपये तक की बात सामने आती है। ऐसे में किसानों को भी 68 से 70 रुपये का उचित दाम मिलना चाहिए।
दूध की सप्लाई रुकने पर क्या होगा?
किसान संगठन ने चेतावनी दी है कि मांग नहीं मानी गई तो दूध की सप्लाई रोकने पर फैसला लिया जा सकता है। अभी ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है। नए रेट पूरी तरह लागू रहेंगे या नहीं, यह दोनों पक्षों की आगे की बातचीत पर निर्भर करेगा। फिलहाल झगड़ा खरीद मूल्य, फैट के हिसाब से भुगतानि और उत्पादन लागत पर अटका है। विक्रेता उपभोक्ताओं का हवाला दे रहे हैं और किसान अपनी लागत का हवाला दे रहे हैं।