भोपाल। मध्य प्रदेश सरकारी की मोहन कैबिनेट ने मंगलवार को हुई बैठक में कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में कैंपा फंड की 2050 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी मिली। नगरीय निकायों की खरीदी में हुई गड़बड़ी पर मुख्यमंत्री ने जीरो टॉलरेंस की बात फिर दोहराई।
एआई ने पकड़ी खरीदी की गड़बड़ी
मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि नगरीय विकास विभाग की खरीदी में हुई अनियमितताएं 6 महीने के भीतर एआई की मदद से पकड़ी गईं। अब तक 201 मामलों में शामिल 392 अधिकारियों और कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकारी पैसे के दुरुपयोग में किसी स्तर पर ढिलाई नहीं चलेगी।
नए जिलों में डीईओ ऑफिस और ईओडब्ल्यू को 345 करोड़
प्रदेश में नए बनाए गए जिलों निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय खुलेंगे। इनके लिए जरूरी पदों पर सृजन को भी मंजूरी मिली। आर्थिक अपराधों की जांच मजबूत करने के लिए EOW को 345 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए। सामाजिक न्याय विभाग की सात योजनाओं के लिए 351 करोड़ रुपये का बजट भी पास हुआ।
सिंचाई परियोजनाओं के 3378 करोड़ जारी रहेंगे
नर्मदा घाटी विकास विभाग की चार योजनाएं जारी रहेंगी। छिंदवाड़ा, मुरैना, सिवनी और सागर में चल रही 3378 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को लगातार वित्तीय मदद मिलेगी।
स्थापना दिवस, चिंतन शिविर और समीक्षा
मध्य प्रदेश स्थापना दिवस का तीन दिवसीय समारोह 1 नवंबर से शुरू होगा। सरकार के तीन साल पूरे होने पर 21 और 22 दिसंबर को मंत्रियों का चिंतन शिविर होगा। मुख्यमंत्री ने 12 कम बारिश वाले जिलों की रिपोर्ट भी मांगी है। सेवा संकल्प अभियान में 17 लाख से ज्यादा आवेदनि मिले।