भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी एमपी टीईटी 2026 के आवेदन की आखिरी तारीख एक बार फिर बढ़ा दी गई है। अब शिक्षक 11 अक्टूबर तक आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद आवेदन में संशोधन 12 अक्टूबर तक किया जा सकेगा। पहले आवेदन की आखिरी तारीख सोमवार, 5 अक्टूबर थी। दूसरी तरफ शिक्षक संगठनों ने परीक्षा की अनिवार्यता, शुल्क और पद को लेकर विभाग से साफ जवाब मांगा है।
आवेदन कम आए, तो विभाग ने बढ़ाई तारीख
टीईटी के लिए पहले 18 सितंबर तक आवेदन की तारीख तय की गई थी, जिसे बढ़ाकर 5 अक्टूबर किया गया। अब इसे एक बार फिर आगे खिसकाया गया है। अब तक 23 हजार से ज्यादा शिक्षकों ने ही आवेदन किया है। आवेदन की संख्या कम रहने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने परीक्षा के दायरे में आने वाले शिक्षकों से व्यक्तिगत संपर्क करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों और संकुल प्राचार्यों के जरिए अधिकारियों और कर्मचारियों की सूचीवार ड्यूटी तय करने को कहा है। इनका काम शिक्षकों से बात कर उनका आवेदन पूरा कराना होगा।
शिक्षक संगठनों का आरोप, बनाया जा रहा दबाव
विभाग की इस पहल पर शिक्षक संगठनों ने आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि अधिकारियों और संकुल प्राचार्यों के जरिए शिक्षकों पर टीईटी में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है।
अनिवार्यता, पद और शुल्क पर उठे सवाल
शिक्षकों का कहना है कि विभाग को पहले साफ करना चाहिए कि टीईटी के लिए आवेदन करना स्वैच्छिक है या अनिवार्य। आवेदन न करने पर कोई कार्रवाई होगी या नहीं, यह भी स्पष्ट होना चाहिए। स्कूल शिक्षा विभाग ने टीईटी की ऑफलाइन परीक्षा कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल को परीक्षा एजेंसी बनाया है।
पद को लेकर भी उलझन है। शिक्षकों का कहना है कि वे 1998 में शिक्षाकर्मी बने, 2011 में अध्यापक पद पर पदोन्नत हुए और 2024 में उन्हें उच्च माध्यमिक शिक्षक का प्रभार मिला। ऐसे में उन्हें किस पद के लिए टीईटी देनी होगी, यह विभाग को बताना चाहिए। शिक्षक संगठनों ने शुल्क पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि जब परीक्षा सरकार करा रही है, तो शिक्षकों से आवेदन शुल्क क्यों लिया जा रहा है।
भोपाल के नीलम पार्क में जारी है धरना
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले शिक्षक तीन सूत्रीय मांगों को लेकर 27 सितंबर से भोपाल के नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरने पर हैं। सोमवार को भी धरना चला। क्रमिक भूख हड़ताल के दूसरे दिन हरदा और नर्मदापुरम जिले के शिक्षक शामिल हुए। मोर्चा पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक सरकार मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लेती, आंदोलन चलता रहेगा। उन्होंने बताया कि मंगलवार को भोपाल संभाग के शिक्षक बड़ी संख्या में नीलम पार्क पहुंचकर आंदोलन को समर्थन देंगे। मोर्चा के सदस्य राकेश पटेल और परमानंद धेरिये ने सरकार से शिक्षकों की मांगों पर जल्द फैसला लेने और टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने की मांग की है।