भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए बड़ी खबर है। अब एमपीपीएससी की परीक्षा साल में दो बार आयोजित होगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में सएम यूथ कॉन्क्लेव 2026 के मंच से यह एलान किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 12 नए विश्वविद्यालय भी खोले जाएंगे। यह व्यवस्था 2027 से लागू होगी.
साल 2027 होगा युवा वर्ष
कॉन्क्लेव में हजारों युवा पहुंचे। उनके साथ सरकारी विभाग, विश्वविद्यालय, स्टार्टअप और शिक्षा, रोजगार व कौशल विकास से जुड़ी संस्थाएं भी मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2027 को प्रदेश में युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। इसके अलावा सरकारी कॉलेज में शोध करने वाले विद्यार्थियों को हर महीने 25 हजार रुपेय की छात्रवृत्ति मिलेगी। इन्हीं कॉलेजों में प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग भी दी जाएगी। परीक्षा साल में दो बार होने से उम्मीदवारों को ज्यादा मौके मिलेंगे। साथ ही भर्ती चक्रों के बीच लंबा इंतजार भी घटेगा।
प्रदेश में करीब 2.34 करोड़ युवा
प्रदेश सरकार का यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि प्रदेश में युवाओं की संख्या बहुत बड़ी है। भारत सरकार के जनसंख्या अनुमानों में अनुसार 2021 में मध्य प्रदेश में 15 से 29 साल की उम्र के करीब 2.34 करोड़ लोग थे। यह राज्य की आबादी का लगभग 28 प्रतिशत हिस्सा है।
वर्ष 2027 को हम ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाएंगे। इसी क्रम में प्रदेश में 12 नए विश्वविद्यालय और 12 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए वर्ष में दो बार MPPSC की परीक्षा आयोजित की जाएगी: CM @DrMohanYadav51 @highereduminmp #CMMadhyaPradesh #SevaSankalpAbhiyan
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) October 6, 2026
पीएम के रोजगार वाले विजन का जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी के कौशल, तकनीक, उद्यमिता और रोजगार वाले विजन का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि तेजी से बदलते जॉब मार्केट के लिए युवाओं को तैयार करना जरूरी है। कॉन्क्लेव में 80 से ज्यादा स्टॉल लगे थे। इनमें रोजगार, स्वरोजगार, स्टार्टअप, इनोवेशन और रिसर्च के मौके दिखाए गए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे नए दौर के सेक्टर भी चर्चा में रहे।
कौशल और रोजगार की कौन सी योजनाएं वर्तमान में हो रही संचालित
सरकार ने जनवरी 2025 में स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन शुरू किया था। यह शिक्षा, कौशल, रोजगार और युवा विकास को एक ढांचे में जोड़ता है। इसका लक्ष्य 2028 तक कक्षा 10 और 2030 तक कक्षा 12 तक की पढ़ाई पूरी कराना है। साथ ही 2030 तक 70 प्रतिशत युवाओं की आमदनी कम से कम कुशल श्रमिक के न्यूनतम स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य भी रखा गया है। मध्य प्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच युवा संगम के तहत 1 लाख 68 हजार 222 युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और अप्रेंटिसशिप का फायदा मिला।
मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना में 18 से 29 साल के पात्र युवाओं को पंजीकृत संस्थानों में काम के साथ प्रशिक्षण मिलता है। इसमें दर्जनों सेक्टर और 1000 से ज्यादा मंजूर कोर्स शामिल हैं। साथ ही ट्रेनिंग के दौरान स्टाइपेंड भी मिलता है। जॉब, कौशल, व्यावसायिक प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा, उद्यमिता और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक जगह देने के लिए मेरा युवा मध्य प्रदेस पोर्टल भी बनाया गया है।
सरकारी नौकरी के साथ निवेश और तकनीक पर भी जोर
डॉ मोहन यादव ने बताया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में करीब 85 हजार लोगों को सरकारी नौकरी मिल चुकी है। उन्होंने आगे के रोजगार को औद्योगिक निवेश, नए मेडिकल कॉलेज, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप और उभरती तकनीकों से जोड़ा। सरकार चाहती है कि युवा सिर्फ सरकारी नौकरी तक सीमित न रहें, बल्कि उद्यमिता और तकनीक वाले करियर को भी चुने।
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा और परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, स्थानीय विधायक भगवानदास सबनानी और उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।