MP Free Registry: मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों की जमीन की मुफ्त रजिस्ट्री को लेकर सरकार और पटवारियों के बीच बीते 24 दिनों से चल रहा विवाद अब खत्म होने की ओर है। राजस्व विभाग ने पटवारियों की एक मांग मानते हुए कहा है कि स्वामित्व योजना में निष्पादक की भूमिका निभाने वाले पटवारियों के खिलाफ अभियोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस फैसले के बाद पटवारी संघ ने 12 अक्टूबर से योजना का काम शुरू करने का ऐलान किया है।
पटवारियों की मांग, सरकार का फैसला
स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का अधिकार दिलाने के लिए रजिस्ट्री की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। सरकार ने करीब 50 लाख ग्रामीणों की रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, रजिस्ट्री में निष्पादन अधिकारी की भूमिका निभाने के दौरान कानूनी कार्रवाई की आशंका को लेकर पटवारी विरोध कर रहे थे। इसके चलते प्रदेश के कई क्षेत्रों में योजना का काम प्रभावित हुआ। पटवारियों की मांग थी कि योजना के तहत रजिस्ट्री की प्रक्रिया में जिम्मेदारी निभाने पर उनके खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई का खतरा नहीं होना चाहिए। राजस्व विभाग के आदेश के बाद इस मांग पर सरकार ने राहत दी है।
काम शुरू करने का ऐलान
सरकार के फैसले के बाद पटवारी संघ की मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ हुई चर्चा में भी आगे का रास्ता निकला। संघ ने 12 अक्टूबर से स्वामित्व योजना का काम शुरू करने की बात कही है। इससे लंबे समय से रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है।
निलंबन और नोटिस वापस लेने की मांग
हालांकि, पटवारियों की सभी मांगों पर अभी सहमति नहीं बनी है। संघ की मांग है कि 17 सितंबर के बाद कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई भी वापस ली जाए। प्रदेश के करीब एक दर्जन जिलों में पटवारियों के निलंबन और नोटिस से जुड़ी कार्रवाई वापस लेने का मुद्दा अब भी लंबित बताया जा रहा है।
ग्रामीणों को कब मिलेगी राहत?
स्वामित्व योजना के तहत पात्र ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार दिलाना सरकार का लक्ष्य है। लेकिन पटवारियों के आंदोलन के कारण कई जगह रजिस्ट्री की प्रक्रिया प्रभावित हुई। अब 12 अक्टूबर से काम शुरू होने की घोषणा के बाद इसकी रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, ग्रामीणों को राहत कितनी जल्दी मिलेगी, यह स्थानीय स्तर पर काम शुरू होने और लंबित मामलों के निपटारे पर निर्भर करेगा। वहीं, पटवारियों के खिलाफ पहले की गई कार्रवाई वापस लेने को लेकर सरकार के अगले कदम पर भी नजर रहेगी।