राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में गायों के कटे सिर मिलने के मामले में पुलिस ने आखिरकार आरोपियों को पकड़ लिया। मुख्य आरोपी के साथ उसकी पत्नी, नाबालिग बेटी और मांस की खरीद-बिक्री में शामिल बाकी लोगों समेत कुल 11 लोग गिरफ्तार हुए हैं। कोर्ट से निकलते वक्त गुस्साई भीड़ ने आरोपियों से मारपीट की और उन पर स्याही फेंकी।
दो जगह मिले थे कटे सिर
कोतवाली थाना क्षेत्र में 12 अक्टूबर को निर्माणाधीन अंडरब्रिज के पास और 14 अक्टूबर को गौरी नगर के शीतला तालाब के पास गाय का कटा सिर मिला था। इसके बाद हिंदू संगठनों ने मानव मंदिर चौक पर प्रदर्शन किया और कोतवाली थाने के बाहर चक्काजाम कर हनुमान चालीसा का पाठ किया।
सीसीटीवी से खुला राज
नवरात्रि के दौरान हुई घटना को देखते हुए पुलिस ने स्पेशल टीम बनाई। सीसीटीवी फुटेज में देर रात कुछ लोग सड़क पर बैठे मवेशियों को ले जाते दिखे। इसी आधार पर पुलिस ने गौरी नगर के अब्दुल अलीम उर्फ कनवा, उसकी पत्नी और बेटी को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह आधी रात को घुमंतू मवेशियों को तालाब की ओर ले जाकर काटता था। मांस के टुकड़े करने में पत्नी अंजुम बेगम और बेटी ने भी मदद की। पहचान छिपाने के लिए कटे सिर तालाब और अंडरब्रिज के पास फेंके गए। पुलिस का कहना है कि मांस नागपुर तक बेचा जाता था और इस नेटवर्क की जांच चल रही है।
कोर्ट के बाहर भीड़ का गुस्सा
आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 10 को न्यायिक रिमांड पर जेल और नाबालिग को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया। बाहर आते ही भीड़ ने फांसी दो के नारे लगाए। धक्का-मुक्की के बीच आरोपियों की पिटाई हुई और पुलिस ने भीड़ को खदेड़ा। रविवार दोपहर वार्डवासियों की मांग पर नगर निगम ने आरोपी का अवैध अतिक्रमण हटा दिया।