राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की पुलिस एसपी अंकिता शर्मा से पुलिस मुख्यालय ने स्पष्टीकरण मांगा है। विजयादशमी पर शस्त्र पूजा के बाद उन्होंने साड़ी पहनकर एके-47 से हर्ष फायरिंग की थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल को लेकर सवाल उठने लगे। मुख्यालय ने पुलिस महानिरीक्षक ने जवाब तलब किया है.
पुलिस लाइन में हुई थी शस्त्र पूजा
विजयादशमी की सुबह पुलिस लाइन में परंपरागत अस्त्र- शस्त्र पूजा का आयोजन हुआ था। यह सालाना कार्यक्रम एसपी अंकिता शर्मा की अगुवाई में हुआ। विभाग की परंपरा के मुताबिक पूजा के बाद मौजूद अधिकारी और जवान हर्ष फायरिंग कर रहे थे। इसी दौरान अंकिता शर्मा ने भी एके-47 थामकर हवा में फायर किया। वहां मौजूद कार्मचारियों ने वीडियो बना लिया। जो बाद में इंटरनेट पर आ गया।
वीडियो वायरल होते ही उठे सवाल
वीडियो कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलते ही मामला चर्चा में आ गया। आम लोगों समेत कई लोगों ने फायरिंग के दौरानि अपनाए गए सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इतने घातक हथियार का इस्तेमाल करते समय जरूरी सुरक्षा दूरी और बाकी प्रोटोकॉल का पूरा पालन होना चाहिए था।
आईजी के जरिए मांगा गया जवाब
मामला सार्वजनिक होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने तुरंत संज्ञान लिया और आईजी अजय यादव के माध्यम से एसपी से जवाब मांगा। विभाग की ओर से स्पष्टीकरण मांगे जाने की आधिकारिक पुष्टि भी हो चुकी है। क्षेत्र के सीनियर पुलिस अधिकारियों ने भी प्रक्रिया के तहत स्पष्टीकरण मांगे जाने की बात मानी है। अब अंकिता शर्मा का पक्ष आना बाकी है। उनका लिखित जवाब मिलने के बाद ही साफ होगा कि फायरिंग के समय हालात क्या थे? विभागीय जांच में यह भी देखा जाएगा कि स्वचालित राइफल चलाते वक्त सुरक्षा नियमों का कितना पालन हुआ।
कौन हैं अंकिता शर्मा?
अंकिता शर्मा छत्तीसगढ़ कैडर की 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं और मूल रूप से दुर्ग जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने यूपीएससी 2017 की परीक्षा में तीसरे प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 203 हासिल की थी। वे रायपुर और खैरागढ़ समेत कई जगह जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं और खैरागढ़ की पहली महिला एसपी बनीं। नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिसिंग और सख्त कार्यशैली के कारण भी वे चर्चा में रही हैं। फिलहाल वे राजनांदगांव की एसपी हैं।