लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लखनऊ के हजरतगंज थाना क्षेत्र में हुए शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गई। पिछले 11 दिन की भागदौड़ के बाद उसे नागपुर से गिरफ्तार किया गया है। उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश भी पकड़े गए हैं। तीनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। नागपुर क्राइम ब्रांच की डीसीपी दीपक अग्रवाल ने श्रद्धा की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
नागपुर के चिंच भवन से पकड़ी गई श्रद्धा
श्रद्धा को नागपुर के वर्धा रोड स्थित चिंच भवन से दबोचा गया। यह कार्रवाई यूपी एसटीएफ की वाराणसी यूनिट और लखनऊ कमिश्नरेट की टीम ने नागपुर पुलिस की मदद से मिलकर की गई। पुलिस की मानें तो श्रद्धा लगातार अपनी लोकेशन बदल रही थी। एसटीएफ ने उसके तौर तरीकों को एक पेशेवर भगोड़े जैसा बताया है। पुलिस का कहना है कि वह नागपुर से भी आगे निकलने की फिराक में थी। लेकिन टीम ने उससे पहले ही उसे पकड़ लिया।
हाई कोर्ट में साइन के बाद हुई थी फरार
जानकारी के अनुसार, श्रद्धा रविवार को लखनऊ हाईकोर्ट पहुंची थी। वहां गिरफ्तारी पर रोक से जुड़े कागजात पर दस्तखत करने के बाद वह ड्राइवर दानिश के साथ गायब हो गई। बहन रश्मि भी साथ थी। इसके बाद से लखनऊ पुलिस और एसटीएफ की टीमें तीनों की तलाश में लगी थीं। हजरतगंज थाने में 9 अक्टूबर 2026 को वादिनी रंजना शर्मा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज किया था।
कानपुर नंबर की गाड़ी और आईपी एड्रेस से मिला सुराग
तलाश के दौरान जांच टीमों को कानपुर नंबर की एक गाड़ी का पता चला। बताया जा रहा है कि श्रद्धा बहन और ड्राइवर के साथ इसी गाड़ी से घूम रही थी। इस सुराग पर एसटीएफ ने जांच आगे बढ़ाई और आईपी ए़ड्रेस को ट्रैक किया। तकनीकी जानकारी की मदद से पुलिस नागपुर में उसके ठिकाने तक पहुंच गई।
अब लखनऊ लाने की तैयारी
तीनों आरोपियों को नागपुर जिला कोर्ट में पेश किया जाएगा। यूपी पुलिस ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी करेगी। रिमांड मिलने के बाद पुलिस मंगलवार की रात तीनों को लखनऊ ले जा सकती है। मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।