गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की सुख-शांति की कामना की। इसके बाद उन्होंने श्रीराम मंदिर में श्री रामलला के चरणों में शीश झुकाया। उन्होंने श्रीराम मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन तथा रामनवमी की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक भी की। मुख्यमंत्री ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में तैयारियों का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने पीएफसी स्थित सभाकक्ष में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के प्रस्तावित आगमन के दृष्टिगत सभी तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं।
हनुमानगढ़ी मंदिर भी पहुंचे
मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर से की। उन्होंने यहां विधिवत पूजा-अर्चना करते हुए प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। यहां से निकलकर मुख्यमंत्री श्रीराम मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने श्री रामलला के दर्शन किए, आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा की।इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति और आगामी योजनाओं से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने संतों से भी की मुलाकात
मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी में संतों से भी मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री यहां सबसे पहले महंत प्रेमदास जी महाराज से मिले। इसके बाद उन्होंने अन्य संतों से भी मिलकर उनका हालचाल जाना।इससे पहले मुख्यमंत्री के अयोध्या आगमन पर राम कथा पार्क हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।