धर्म। पितृपक्ष इस साल 26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चल रहा है। इन दिनों पूर्वजों के नाम पर श्राद्ध और तर्पण करने की परंपरा है। ज्योतिषाचार्य श्रीपति त्रिपाठी के अनुसार पितृपक्ष में घर की महिलाओं को कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और परिवार पर पितरों की कृपा बनी रहती है।
दीपक और भोजन से जुड़े नियम
पहली सलाह यह है कि हर शाम घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर एक दीपक जलाएं। फ्लैट में रहने वाले लोग बालकनी में दक्षिण दिशा की ओर दीपक रख सकते हैं।
दूसरी बात मासिक धर्म से जुड़ी है। मान्यता के अनुसार इस दौरान महिलाओं को श्राद्ध और तर्पण का भोजन नहीं बनाना चाहिए। ऐसे में घर की कोई दूसरी महिला भोजन बना सकती है। परिवार का पुरुष सदस्य भी यह काम कर सकता है।
शाम को झाड़ू और सफाई से बचें
तीसरी बात, पितृपक्ष में शाम के वक्त घर में झाड़ू लगाने या दूसरी साफ-सफाई करने से बचने को कहा गया है। श्राद्ध से जुड़े कामों में शुद्धता और पवित्रता का खास ध्यान रखने की मान्यता है।
गाय को भोजन और पसंदीदा पकवान
चौथी सलाह है कि रोज भोजन बनाते समय उसका एक हिस्सा पहले ही अलग निकाल लें। इसे पितरों के नाम पर गाय को खिलाने की परंपरा बताई गई है। यह पितृपक्ष की हर तिथि पर करने की बात कही गई है।
पांचवीं बात, जिस दिन किसी पितृ की श्राद्ध या तर्पण की तिथि हो, उस दिन उनकी पसंद का भोजन बनाने और खाने की मान्यता है। इन सभी नियमों का मकसद पितरों के प्रति श्रद्धा और सम्मान जताना माना जाता है।
घर में रखें शांति
छठी बात, श्राद्ध पक्ष में घर में शांति और आपसी तालमेल बनाए रखने पर जोर दिया जाता है। महिलाओं से कहा गया है कि वे परिवार में बेवजह की बहस से बचें और सबके साथ सामंजस्य बनाकर चलें।