क्रिकेट। हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है। मंगलवार को उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक लंबा पोस्ट साझा कर तीनों फॉर्मेट में कप्तानी छोड़ने की जानकारी दी। यह फैसला ऐसे वक्त आया है, जब कुछ ही दिन पहले उनकी अगुवाई में भारतीय टीम ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीता था। गोल्ड के जश्न के बीच कप्तान का यह एलान क्रिकेट प्रेमियों के लिए चौंकाने वाला रहा।
कप्तानी का वो दौर, जिसमें मिला बड़ा खिताब
मिताली राज के बाद हरमनप्रीत ने टीम की कमान संभाली थी। पिछले साल उन्हीं की कप्तानी में भारत ने पहली बार वनडे वर्ल्ड कप जीतने का सपना पूरा किया। इसके अलावा टीम ने तीनों फॉर्मेट में अच्छा प्रदर्शन किया और महिला क्रिकेट को नई पहचान दिलाई। ऐसे में जब टीम सफलता की ऊंचाई पर थी, तब हरमनप्रीत का पीछे हटना कई सवाल भी खड़े करता है।
पोस्ट में क्या बोलीं हरमनप्रीत
हरमनप्रीत ने साफ लिखा कि यह फैसला उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था। उनके मुताबिक इसके पीछे ढेर सारी यादें, पल, भावनाएं और बलिदान जुड़े हैं, जो उम्र भर उनके साथ रहेंगे। उन्होंने कहा कि टीम और भारतीय महिला क्रिकेट को उन्होंने अपना सब कुछ दिया, चाहे वह मेहनत हो, पसीना हो या वक्त।
उन्होंने यह भी बताया कि कई मौकों पर उन्होंने अपनी निजी उपलब्धियों और अपने विकास को किनारे रखा, क्योंकि उनके लिए हमेशा टीम पहले रही। कप्तान के तौर पर उन्हें कई कठिन फैसले लेने पड़े। हरमनप्रीत का कहना है कि ऐसे फैसलों को हर बार समझा नहीं गया और कई बार इनकी निजी कीमत भी चुकानी पड़ी। फिर भी उनकी मंशा एक ही रही कि टीम मजबूत बने और दूसरी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिले। इसी सोच के साथ उन्होंने साथी खिलाड़ियों पर भरोसा जताया और उनका बेस्ट बाहर निकालने की कोशिश की।
सफर खत्म नहीं, अध्याय बदला है
हरमनप्रीत ने बताया कि कप्तानी छोड़ते वक्त वह भावुक जरूर हैं, लेकिन भीतर से शांत महसूस कर रही हैं। उनके शब्दों में, उन्होंने अपना काम पूरी ईमानदारी से किया। पोस्ट में उन्होंने टीम की साथी खिलाड़ियों, कोच, सपोर्ट स्टाफ, मैनेजमेंट, बीसीसीआई और अपने परिवार का आभार जताया। आखिर में उन्होंने लिखा कि कप्तानी का अध्याय खत्म हुआ है, लेकिन सफर जारी है। यानी मैदान पर बतौर खिलाड़ी उनका योगदान आगे भी बना रहेगा।