क्रिकेट। भारतीय क्रिकेट टीम का वह खिलाड़ी जो कभी बाएं हाथ की स्पिन से बल्लेबाजों को उलझाता था। अब वही भारतीय टीम को चुनेगा। प्रज्ञान ओझा को बीसीसीआई ने पुरुष चयन समिति का नया चेयरमैन बनाया है। बोर्ड ने सोमवार को इसकी घोषणा की है। वह अजीत अगरकर की जगह लेंगे। उनका कार्यकाल 4 अक्टूबर को पूरा हो चुका है। समिति में रमेश पवार की भी एंट्री हुई है।
ओझा को क्यों मिली कुर्सी?
पांच सदस्यों की इस समिति में सबसे ज्यादा टेस्ट मैच ओझा के नाम हैं। यही वजह रही कि उन्हें चेयरमैन की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने भारत के लिए 24 टेस्ट, 18 वनडे और 2 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले। उनका इंटरनेशनल करियर जून 2008 से नवंबर 2013 तक चला।
पवार का सफर खिलाड़ी से कोच तक
रमेश पवार ने भारत के लिए 2 टेस्ट और 31 वनडे खेले हैं। खेल छोड़ने के बाद वह कोचिंग में उतरे और भारतीय महिला टीम, मुंबई और गुजरात के हेड कोच रहे। बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बॉलिंग कोच की भूमिका भी निभाई। उनके रहते भारतीय महिला टीम ने एशिया कप ट्रॉफी जीती ओर कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल हासिल किया। ओझा और पवार के साथ समिति में शिव सुंदर दास, आरपी सिंह और अजय रात्रा भी हैं।
कैसे हुआ चयन?
बीसीसीआई के अनुसार, पुरुष समिति के सदस्य की नियु्क्ति के लिए तय प्रक्रिया अपनाई गई। अशोक मल्होत्रा और जतिन पराजंपे वाली क्रिकेट एडवाइजरी कमिटी ने बीसीसीआई मुख्यालय में बैठक कर आवेदनों की जांच की और इंटरव्यू लिए गए। इसके बाद पवार के नाम की सिफारिश की गई। रिपोर्ट्स के अनुसार चार या पांच उम्मीदवारों से बात हुई। इनमें पूर्व ओपनर वसीम जाफर भी थे। जाफर भारत के लिए 31 टेस्ट खेल चुके हैं।
अगरकर के कार्यकाल पर बोर्ड की मुहर
जुलाई 2003 में चीफ सिलेक्टर बने अगरकर के योगदान की बीसीसीआई ने तारीफ की। बोर्ड ने कहा कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट के अहम दौर में समिति की अगुवा4ई की। इस दौरान भारत ने तीन आईसीसी ट्रॉफी और दो एशिया कप खिताब जीते। लगातार दो एशियन गेम्स में टीम को गोल्ड मेडल भी मिला।