क्रिकेट। भारतीय क्रिकेटर शेफाली वर्मा पर आईसीसी (ICC) ने कार्रवाई की है। कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन पर उन्हें फटकार लगाई गई और उनके खाते में एक डिमेरिट पॉइंट भी जुड़ गया है। मामला 18 अक्टूबर को रायपुर में भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए दूसरे टी20 का है। कैच छूटने के बाद शेफाली ने गुस्से में गेंद जमीन पर पटक दी थी।
क्या है पूरा घटनाक्रम
आईसीसी के अनुसार शेफाली ने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.2 का उल्लंघन किया। यह नियम इंटरनेशनल मैच के दौरान क्रिकेट उपकरण, कपड़ों, मैदान के उपकरण या फिक्स्चर के गलत इस्तेमाल से जुड़ा है। पहली पारी के 12वें ओवर में श्री चरणी की गेंद पर मिड ऑफ में चिपो मुगेरी तिरिपानो का केच छूट गया। इसी के बाद शेफाली ने झुंझलाहट में गेंद जमीन पर फेंक दी। उन्होंने अपनी गलती मान ली और आईसीसी इंटनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरीज की जीएस लक्ष्मी की तरफ से प्रस्तावित सजा भी स्वीकार कर ली।
बल्ले से रही थी मैच की हीरो
जिस मैच के लिए उनको सजा दी गई। मजेदार बात यह थी कि उसी मैच में शेफाली भारत की सबसे बड़ी स्कोरर थीं। उन्होंने 25 गेंदों में 55 रन की पारी खेली थी। प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं।
तीसरे टी20 में इतिहास बनाने का मौका चूका
भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीसरा टी20 आज रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में खेला जा रहा है। इस मैच में शेफाली के पास एक इतिहास बनाने का मौका था। दरअसल वह इस मैच में 78 रन या उससे बड़ी पारी खेलती तो वह एक इंटरनेशनल में एक कैलेंडर ईयर में 1000 रन बनाने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बन जाती। हालांकि वह इस उपलब्धि को इस मैच में हासिल नहीं करई। साल 2026 में वह अब तक 26 मैचों में 991 रन बना चुकी हैं और इस सूची में पहले स्थान पर हैं।
मंधाना का रिकॉर्ड भी खतरे में
शेफाली वर्मा इस साल एक शतक और 8 फिफ्टी लगा चुकी हैं। आज के मैच में एक और शतक लगाया है। इसके चलते वह एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने के स्मृति मंधाना के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। मंधाना ने 2024 में भारत के लिए 23 टी-20 इंटरनेशनल की 21 पारियों में 8 अर्धशतक लगाए थे।