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भारती बेली ब्रिज गिरने की चर्चा

धारचूला जिले में नदी के उफान पर बनाया गया बेली ब्रिज 11 सितंबर की बारिश में गायब हो गया; यात्री मार्ग पर समस्या उत्पन्न

धारचूला में 170 फीट लंबा बेली ब्रिज तयार करने के 7 दिन बाद भारी बारिश के कारण नदी में दबा गया। चीन सीमा को जोड़ने वाले बेली बेल्ड रिज, दार्मा, चौदास घाटी तक के मार्ग बाधित। 67 आरसीसी की टिम ने काम तेज़ी से पूरा किया, लेकिन बारिश ने पुनः बाधा डाली। आदि कैलाश यात्रियों के मार्ग का तय नहीं हो सका

धारचूला जिले में नदी के उफान पर बनाया गया बेली ब्रिज 11 सितंबर की बारिश में गायब हो गया यात्री मार्ग पर समस्या उत्पन्न

पिथौरागढ़। धारचूला के ऊंचाई वाले इलाकों में हुई भारी बारिश के बाद कुलागाड़ नदी के उफान में महज सात दिन पहले तैयार किया गया 170 फीट लंबा बेली ब्रिज बह गया। 4 सितंबर को बीआरओ ने युद्धस्तर पर काम करते हुए इस पुल का निर्माण पूरा किया था। पुल बहने के साथ ही चीन सीमा क्षेत्र के अलावा व्यास, दारमा और चौदास घाटियों का तहसील मुख्यालय तथा शेष दुनिया से संपर्क एक बार फिर कट गया है। इससे हजारों की आबादी के सामने आवागमन और जरूरी सामान की आपूर्ति का संकट खड़ा हो गया है। कुलागाड़ में इससे पहले 18 अगस्त को पहाड़ी से गिरे बोल्डरों के कारण पुल ध्वस्त हो गया था। इसके बाद बीआरओ ने सात सीमेंटेड कलवर्ट डालकर तीसरे दिन अस्थायी मार्ग तैयार किया और यातायात बहाल कराया था। बाद में नए बेली ब्रिज का निर्माण शुरू किया गया। 67 आरसीसी, ग्रेफ के ओसी चंद्र गुप्त के नेतृत्व में एई और छह जेई की टीम ने 35 मजदूरों, क्रेन, लोडर और जेसीबी की मदद से दिन-रात काम कर महज कुछ दिनों में पुल तैयार कर दिया था। पुल बनने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हुई और ग्रामीणों व सुरक्षा कर्मियों ने राहत की सांस ली थी। लेकिन 11 सितंबर की रात भारी बारिश के बीच नदी का जलस्तर बढ़ने से पुल भीषण बहाव की चपेट में आ गया। सुबह तक पुल का मौके पर कहीं नामोनिशान नहीं था। आशंका है कि पुल का मलबा नदी में बह गया या दब गया है। पुराने बेली ब्रिज का कुछ हिस्सा काली नदी में नेपाल की ओर दिखाई देने की जानकारी भी सामने आई है। आदि कैलाश यात्रा पर भी असर कुलागाड़ में पुल टूटने से पूरे क्षेत्र का संपर्क बाधित हो गया है। अब पहले वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाएगा और उसके बाद नए बेली ब्रिज का निर्माण होगा। मार्ग दुरुस्त होने पर 15 सितंबर से आदि कैलाश यात्रा शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन मौजूदा हालात में यात्रा में देरी की आशंका है। आवागमन बंद रखने की सलाह पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर धारचूला-तवाघाट-गुंजी मार्ग को आवागमन के लिए बंद कर दिया है। लोगों को भारी वाहन, यात्री वाहन अथवा अन्य वाहनों से इस मार्ग पर यात्रा नहीं करने की सलाह दी गई है।