आमला पंचायत के सरपंच मंगल नागले ने गाँव के नागरिकों की सहायता में तीन छोटे बच्चों को असहाय अवस्था में होने के कारण त्वरित बाल संरक्षण समिति को संदर्भित किया। बच्चों को सुरक्षित रूप से समिति बैतूल ले गए जहाँ उनके बेहतर उपचार, परवरिश, और शिक्षा का प्रबंध किया जाएगा। ग्रामिणों द्वारा सरपंच की प्रासंगिक भूमिका और मानवतापूर्ण कदम को सराहना की गई है।
आमला ग्राम पंचायत तिरमहूँ के अंतर्गत आने वाले ग्राम सोननलाई में सोमवार को प्रशासनिक संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की अनूठी मिसाल देखने को मिली। ग्राम पंचायत के जागरूक सरपंच मंगल नागले को जानकारी मिली थी कि ग्राम सोननलाई निवासी राजेश धुर्वे के तीन छोटे-छोटे बच्चे हर्ष धुर्वे (4 वर्ष), रिहान धुर्वे (5 वर्ष) और तुषार धुर्वे (2 वर्ष) देखरेख के अभाव में असहाय स्थिति में हैं। सरपंच मंगल नागले ने तत्काल मानवता का परिचय देते हुए मामले की सूचना बाल संरक्षण समिति बैतूल को दी। सूचना पर बाल संरक्षण समिति के सदस्य अनुपम जैन ने त्वरित संज्ञान लिया। दिनांक 08/09/2026 को महिला एवं बाल विकास विभाग आमला के शासकीय वाहन से, पालकों की सहमति एवं विधिवत पंचनामा तैयार कर तीनों मासूमों को सुरक्षित रूप से बाल संरक्षण समिति, बैतूल लाया गया, जहाँ उनकी बेहतर परवरिश और शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। इस मानवीय कार्य के दौरान ग्राम पंचायत तिरमहूँ के सरपंच मंगल नागले, सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सहायिका एवं शासकीय माध्यमिक शाला के शिक्षक ग्राम के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने की सराहना इस पूरी कार्रवाई के बाद ग्राम पंचायत तिरमहूँ के सरपंच मंगल नागले के इस सराहनीय कदम की पूरे क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है। ग्रामीणों ने कहा कि सरपंच ने साबित कर दिया है कि पंचायत सिर्फ विकास ही नहीं, मानवीय मूल्यों की भी रक्षक है।