MP Politics: Mohan-Shivraj-Scindia Demand

जो लिखूंगा सच लिखूंगा…

मध्यप्रदेश की राजनीति में चुनावी हलचल तेज है। भाजपा ने मोहन यादव, शिवराज सिंह और ज्योतिरादित्य को चुनावी राज्यों में प्रचार के लिए भेजने की तैयारी की है, जबकि कांग्रेस में संगठनात्मक खींचतान जारी है.

By : स्वदेश डेस्क
जो लिखूंगा सच लिखूंगा…

अनुराग उपाध्याय

मोहन, शिवराज और सिंधिया की डिमांड

पांच राज्यों में चुनाव का बिगुल बज चुका है। ऐसे में मध्यप्रदेश से कई नेताओं को चुनावी दौरे पर जाना है। प्रदेश भाजपा अपने एक दर्जन से ज्यादा बड़े नामों को पश्चिम बंगाल भेज रही है। वहीं प्रदेश कांग्रेस को अब तक इस बारे में कुछ अतापता ही नहीं है। किस राज्य में किसे भेजा जाए इसे लेकर कांग्रेस के पास को सूचना नहीं है। एआईसीसी ने अब तक एमपी कांग्रेस के किसी नेता की मांग चुनाव के लिए नहीं की है। वहीं भाजपा इसके लिए पहले ही काम शुरू कर चुकी है। मध्यप्रदेश से तीन बड़े नामों मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया की पश्चिम बंगाल के साथ अन्य चुनावी राज्यों में कई सभाएं होनी हैं। इन तीनों नेताओं को कुछ खास इलाकों में मतदाताओं को सम्बोधित करने का जिम्मा दिया जा रहा है। भाजपा संगठन ने एमपी से तीन नेताओं मोहन यादव, शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया की डिमांड खास तौर की है। बंगाल के पिछले चुनाव में एमपी से कैलाश विजयवर्गीय मोर्चा सम्हाले थे। इस बार उनकी वहां क्या भूमिका होगी यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

दिग्विजय सिंह रची राखा

एआईसीसी चाहता है कांग्रेस में गुटबाजी खत्म हो जाए लेकिन एमपी में ऐसा हो नहीं पा रहा। मध्यप्रदेश में इस समय तीन कांग्रेस सक्रिय हैं। एक कांग्रेस को प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी चला रहे हैं तो दूसरी को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार। इन दोनों के बाद एक कांग्रेस और है जिसे परदे के पीछे से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह चला रहे हैं। वैसे ये तीसरी कांग्रेस ही सबसे ज्यादा पावरफुल मानी जा रही है। कांग्रेस का दिल्ली दरबार इस समय इन तीनों कांग्रेस के नेताओं के समर्पण को परख रहा है। जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने के बाद से पार्टी में कोई बदलाव नहीं आया है। पार्टी को अब लग रहा है पटवारी लोगों को कांग्रेस से जोड़ने में अब तक सफल नहीं हो पाए हैं। अगले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस एमपी में नए अध्यक्ष को लाने की योजना पर काम कर रही है। ऐसे में सदन के बाहर और भीतर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का प्रदर्शन ठीक ठाक रहा है। ऐसे में कांग्रेस का एक धड़ा सिंगार को कमान सौंपने की मांग कर सकता है। सिंगार आदिवासी वर्ग से आते हैं। लेकिन यह तभी सम्भव है जब उनकी पटरी दिग्विजय सिंह से ठीक बैठ जाए। लेकिन इस के बाद भी मध्यप्रदेश कांग्रेस में होना वही है जो " दिग्विजय सिंह रची राखा।

भागदौड़ से बचें कमलनाथ

कांग्रेस नेता पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की बीच-बीच में प्रदेश में सक्रियता बढ़ती है। लेकिन उम्र के चढ़ाव के कारण वे अब पहले जितने एक्टिव नहीं रह पा रहे हैं। कमलनाथ के पुत्र नकुल नाथ भी अपने पिता के नक्शेकदम पर चलने की कोशिश जरूर कर रहे हैं लेकिन उन्हें भी वो राजनैतिक प्रतिसाद नहीं मिल पा रहा जैसा वे चाहते हैं। बीच बीच में कमलनाथ के स्वास्थ्य के नरम गरम रहने की खबरें भी आती रहती रहती हैं। ऐसे में कांग्रेस ने यह मान लिया है कि प्रदेश में कमलनाथ और दिग्विजय सिंह रणनीतिकार हो जाएँ तो वे भाजपा से पार पा सकते हैं। लेकिन कांग्रेस जैसा सोच रही है अब उसके आसार कम ही नजर आ रहे हैं। क्योंकि कमलनाथ के चिकित्सकों ने उन्हें पहले जैसी भागदौड़ करने से बचने की सलाह दी है।

रावत के अरमान अदालत में

बात राजनीति की है तो आपको बता दें ग्वालियर हाईकोर्ट फैसले के बाद रामनिवास रावत की खुशी का ठिकाना नहीं था। उनकी तो मन माँगी मुराद पूरी हो गई थी। लेकिन अदालत ने जब अपने ही आदेश को 15 दिन के लिए रोक दिया तो उनका शपथ विधि का सपना टूट गया। इधर विधायक मुकेश मलहोत्रा पूरी तैयारी कर सर्वोच्च न्यायालय की चौखट पर बैठे हैं। वे खुद एलएलबी पास हैं। बताते हैं इस मामले पर भाजपा और कांग्रेस दोनों गंभीर हैं। अब सबसे बड़ी अदालत का रुख तय करेगा कि विधायकी किसकी है।

पुलिस को पुलिस के चरित्र पर संदेह

पुलिस विभाग आपने ही तक़रीबन एक दर्जन से ज्यादा अधिकारियों की गोपनीय जाँच करवा रहा है। एआईजी स्तर के इन अधिकारियों के चरित्र पर पुलिस विभाग को संदेह है। पंडित जी के नाम से चर्चित एक अधिकारी ने एक फैशन डिजाइनर के साथ बहुत गलत किया और उसके पैसों पर भी हाथ साफ़ कर दिया। मामला जयपुर से लेकर भोपाल तक सुर्खियों में बना हुआ है। इससे पहले भी वर्दी की आड़ में काला पीला करने के चक्कर में पुलिस विभाग की छवि खूब खराब हुई है। इस मामले के बाद पुलिस महानिदेशक ने शक के दायरे में रहे कई अफसरों की फाइलें खुलवा दी हैं।


 

संबंधित सामग्री

MLA Narendra Singh Kushwaha: भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के बेटे का दिल्ली में निधन

MLA Narendra Singh Kushwaha: भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के बेटे का दिल्ली में निधन

मध्य प्रदेश के भिंड से भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के पुत्र पुष्पेंद्र सिंह कुशवाह का निधन हो गया है। वे बीते लंबे समय से लिवर संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे...

Oct 20, 2026
Gen Z name New Name: 'जेन जी नहीं तरुण भारत कहिए'; विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने सुझाया नया शब्द

Gen Z name New Name: 'जेन जी नहीं तरुण भारत कहिए'; विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने सुझाया नया शब्द

मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इंदौर में कहा कि नई पीढ़ी को जेन जी की जगह तरुण भारत कहा जाना चाहिए। उन्होंने स्टार्टअप का उदाहरण भी दिया।<br/><br/><br/>

Oct 05, 2026
Rahul Gandhi Balaghat: राहुल के बालाघाट दौरे पर BJP का पलटवार; डिप्टी CM शुक्ला बोले- 3 महीने बाद पहुंचे

Rahul Gandhi Balaghat: राहुल के बालाघाट दौरे पर BJP का पलटवार; डिप्टी CM शुक्ला बोले- 3 महीने बाद पहुंचे

राहुल गांधी ने बालाघाट के जगला गांव में बैगा परिवारों से मुलाकात की। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने दौरे को नाटकीय बताया और कहा कि तीन महीने बाद आना राजनीतिक पर्यटन है।

Oct 01, 2026
Panchayat Chunav: MP में पंचायत उपचुनाव में 104 पदों पर वोटिंग, सुसनेर में EVM पर हंगामा, इन जिलों में बहिष्कार

Panchayat Chunav: MP में पंचायत उपचुनाव में 104 पदों पर वोटिंग, सुसनेर में EVM पर हंगामा, इन जिलों में बहिष्कार

मध्य प्रदेश में मंगलवार को पंचायत उपचुनाव के 103 पदों पर सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष पद पर वोटिंग हुई। सुसनेर में ईवीएम विवाद रहा। वहीं, रायसेन और खरगोन में ग्रामीणों ने बहिष्कार किया।

Sep 29, 2026
MP Panchayat Chunav: रायसेन जिला पंचायत उपचुनाव बहिष्कार, मऊ पथरई के ग्रामीणों का सड़क नहीं तो वोट नहीं नारा

MP Panchayat Chunav: रायसेन जिला पंचायत उपचुनाव बहिष्कार, मऊ पथरई के ग्रामीणों का सड़क नहीं तो वोट नहीं नारा

रायसेन के मऊ पथरई गांव में बदहाल सड़क से नाराज ग्रामीणों ने जिला पंचायत उपचुनाव का बहिष्कार किया। एसडीएम और एडीएम के आश्वासन के बाद बूथ 144 और 145 पर मतदान शुरू हुआ।

Sep 29, 2026