Gen Z को अक्सर ऐसी पीढ़ी माना जाता है जिसके सामने नौकरियों की कमी, महंगाई और आर्थिक अस्थिरता जैसी बड़ी चुनौतियां हैं । लेकिन एक नई रिपोर्ट इस तस्वीर का दूसरा पहलू दिखाती है। इसके मुताबिक समान उम्र में Gen Z की कमाई पिछली कई पीढ़ियों से ज्यादा है। इसके बावजूद युवा अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर पहले से अधिक चिंतित महसूस कर रहे हैं।
आंकड़े क्या बताते हैं?
बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) के सेंटर फॉर मैक्रोइकनॉमिक्स की रिपोर्ट The Kids Are All Right: The Timeless Angst Over Young People and Money के अनुसार Gen Z के सबसे उम्रदराज कामगारों की 28 साल की उम्र में औसत मध्य आय करीब 42,000 डॉलर है, रिपोर्ट में इसे समान उम्र के मिलेनियल्स से 25% और बेबी बूमर्स से 50% अधिक बताया गया है ।
संपत्ति के आंकड़े भी दिलचस्प हैं। रिपोर्ट के अनुसार 34 साल की उम्र में मिलेनियल्स की औसत कुल संपत्ति 3.31 लाख डॉलर थी जबकि इसी उम्र में Gen X की 2.51 लाख और बेबी बूमर्स की 2.29 लाख डॉलर थी। हालांकि इन आंकड़ों को अमेरिकी अर्थव्यवस्था के संदर्भ में समझना जरूरी है ।
ज्यादा कमाई के बाद भी परेशानी क्यों?
कमाई बढ़ने का मतलब यह नहीं कि आर्थिक दबाव भी कम हो गए हैं महंगे मकान, छात्र कर्ज और जीवनयापन की लागत युवाओं के लिए बड़ी चुनौतियां हैं । नौकरी और भविष्य को लेकर अनिश्चितता भी उनकी चिंता बढ़ाती है।
इसके अलावा, सोशल मीडिया पर दूसरों की जीवनशैली और आर्थिक सफलता देखकर अपनी स्थिति की तुलना करना भी दबाव पैदा कर सकता है। युवा अच्छी कमाई के बावजूद घर खरीदने, बचत करने और आराम से रिटायर होने जैसे लक्ष्यों को हासिल करने को लेकर आश्वस्त नहीं हैं।
उम्मीदें और हकीकत के बीच अंतर
रिपोर्ट का तर्क है कि Gen Z की आर्थिक स्थिति को केवल निराशा के नजरिए से देखना सही नहीं होगा. कई संकेतक बताते हैं कि युवा पिछली पीढ़ियों की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं। लेकिन आवास कर्ज और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ी उनकी चिंताएं भी वास्तविक हैं।
यानी Gen Z की परेशानी सिर्फ कम कमाई की कहानी नहीं है । असली सवाल यह है कि बढ़ती आय के बावजूद आर्थिक सुरक्षा और बेहतर जीवन के लक्ष्य युवाओं को कितने हासिल होते दिखाई दे रहे हैं।