न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
विजय शेखर सिंह/पटना: सम्राट कैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर मुहर लगी है। बिहार सरकार ने जल संसाधन विभाग को आकस्मिकता निधि से 1000 करोड़ रुपए की अग्रिम राशि दी है। इस पैसे का इस्तेमाल बाढ़ से बचाव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी कामों के साथ-साथ सिंचाई से जुड़े कार्यों में किया जाएगा।
गयाजी अवस्थित विष्णुपद मंदिर परिक्षेत्र का काशी विश्वनाथ कौरीडोर वाराणसी की तर्ज पर विकास हेतु दो हज़ार पाँच सौ बीस करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बिहार में मखाना विकास योजना के लिए 89.80 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के कार्यान्वयन को मिली स्वीकृति प्रदान की गई है। मखाना उत्पादन, बीज, प्रशिक्षण और प्रसंस्करण को भी बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं किसानों, व्यापारियों और FPOs की आय बढ़ाने पर सरकार का विशेष जोर है।
इसमें प्रगति यात्रा से जुड़े काम, बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य, जल-जीवन-हरियाली अभियान और अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। बिहार के 38 जिलों में विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी विकसित भारत-जी राम जी योजना लागू की जाएगी। इसमें हर परिवार को 125 दिन रोजगार मिलेगा।
बिहार सरकार के कृषि विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम (NMEO-OP) योजना के तहत 2 करोड़ 10 लाख रुपए खर्च करने की मंजूरी दी है।
बिहार सरकार ने जिला खनिज फाउंडेशन (संशोधन) नियमावली, 2026 लागू कर दी है। इसके अलावा सरकार ने सिविल विमानन विभाग में तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों पर भर्ती और प्रोन्नति के लिए ‘बिहार राज्य विमानन संवर्ग भर्ती नियमावली, 2026’ के गठन को मंजूरी दी है। इसमें पायलट और इंजीनियर समेत पदों पर भर्ती होगी।