न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
अश्मित सिन्हा/पटना: बिहार में इन दिनों बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। वर्तमान में 13 जिलों में 27 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। पटना में गंगा का पानी घटने लगा है। रिपोर्ट के अनुसार पटना में गंगा का जलस्तर रिकॉर्ड 50.58 मीटर से घटकर 50.40 मीटर आ गया है।
इलाहाबाद से वाराणसी तक गंगा नदी के जलस्तर में आई गिरावट से और राहत की उम्मीद है।
पटना में पुनपुन नदी खतरे के निशान से 2.93 मीटर ऊपर बह रही है। कटिहार में गंगा, कोसी नदियों के उफान से 35 पंचायतों में 3.43 लाख लोग बाढ़ से घिरे हैं। खगड़िया में कोसी और बागमती नदियों की वजह से चौथम प्रखंड और दियारा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिती बनी हुई है। गोपालगंज में गंडक बैराज से 1.21 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन पूरी तरह तरह अलर्ट मोड पर है।
शेखपुरा में हरोहर नदी का पानी 5 पंचायतों के घरों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में घुस गया है। भागलपुर में एनएच 80 पर ढाई फीट पानी बहने से आवागमन बाधित है। 2.17 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है।
मुंगेर के बरियारपुर में गंगा नदी खतरे के निशान से 1.27 मीटर ऊपर है और सैकड़ों घरों में पानी घुस चुका है। सीवान के दरौली में सरयू खतरे के निशान से 51 सेमी ऊपर बह रही जिसकी वजह से निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिती बनी हुई है।
आरा के बड़हरा में गंगा नदी का पानी घुसने से बाढ़ की स्थिति है। धमार गांव में 32 साल के एक शख्स की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई है। वहीं सारण के माही नदी का जमींदारी बांध टूटने से कई इलाकों में पानी घुस चुका है।