न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
पूजा शर्मा/पटना: बिहार में बाढ़ पीड़ितों के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज डीबीटी के माध्यम से 8 लाख 27 हजार 472 परिवारों के बैंक खाते में राशि भेजी है। इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र यादव और आपदा मंत्री रत्नेश सदा मौजूद रहे। पूरी खबर विस्तार से आगे पढ़िए।
बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए राज्य सरकार ने राहत का बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 8 लाख 27 हजार 472 बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में 7-7 हजार रुपये की दर से कुल 579.23 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से भेजे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि राहत राशि से कोई भी पात्र परिवार वंचित नहीं रहना चाहिए और दुर्गापूजा से पहले बाढ़ प्रभावित इलाकों को सामान्य स्थिति में लाने की दिशा में तेजी से काम किया जाए। सरकार का स्पष्ट कहना है कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता है, ताकि वे जरूरी जरूरतों को पूरा कर सकें।
मुख्यमंत्री को दी गई जानकारी के अनुसार राज्य के 15 जिलों के 88 प्रखंडों की 575 पंचायतों के 2,642 गांव और 21 शहरों के कई वार्ड बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के दौरान राहत और बचाव कार्य के लिए 21 टीमें तैनात की गई थीं। इसके अलावा 1,200 से अधिक सामुदायिक रसोई का संचालन किया गया, जहां प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक लोगों के घरों और खेतों से पानी पूरी तरह नहीं निकल जाता, तब तक राहत शिविर और सामुदायिक सहायता का काम जारी रहेगा।
अधिकारियों ने दुर्गापूजा से पहले अधिकांश इलाकों से पानी निकलने की उम्मीद जताई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अगले एक महीने के भीतर, दुर्गापूजा से पहले, सड़कों और अन्य क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत पूरी कर ली जाए। उन्होंने कहा कि जहां सड़क, बांध या अन्य संरचनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां तेजी से बहाली का काम किया जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के स्तर पर बाढ़ राहत और नुकसान के आकलन के लिए केंद्रीय टीम बिहार आने वाली है। सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार रखने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार बारिश सामान्य से करीब 30 प्रतिशत कम होने के बावजूद कई इलाकों में बाढ़ आई। उन्होंने कहा कि सरकार अब इस बात पर भी होमवर्क कर रही है कि भविष्य में बिहार को बाढ़ की समस्या से कैसे अधिक सुरक्षित किया जा सके।