न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क: कैमूर जिले के भभुआ प्रखंड अंतर्गत दुधरा गांव में आज भी ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे नदी पार करने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को होती है, जो हर दिन नाव से नदी पार कर स्कूल जाते हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, दुधरा गांव से NH 19 की दूरी महज करीब 500 मीटर है, लेकिन पुल नहीं होने के कारण किसी आपात स्थिति में लोगों को करीब 15 किलोमीटर का चक्कर लगाकर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ता है।
ग्रामीण हरिओम सिंह ने बताया कि दुधरा निवासी शिक्षक संकठा तिवारी इसी गांव में रहकर पढ़ाते थे और उन्होंने बीजेपी सांसद मनोज तिवारी को भी पढ़ाया है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण को लेकर कई बार आश्वासन मिला, लेकिन अब तक जमीन पर काम शुरू नहीं हो सका।
बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने पर नाव का परिचालन भी बंद हो जाता है, जिससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होती है। वहीं, सड़क संपर्क नहीं होने से किसानों को अपनी फसल औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ती है।
ग्रामीण पारसनाथ सिंह का कहना है कि अगर दुधरा नदी पर पुल बन जाता है तो भभुआ और मोहनिया क्षेत्र के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा और कई गांवों सहित चार प्रखंडों के लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2020 में ग्रामीण कार्य विभाग के पत्र के माध्यम से पुल निर्माण की अनुशंसा भी की गई थी, लेकिन वर्षों बाद भी पुल का निर्माण नहीं हो सका। अब ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से दुधरा नदी पर जल्द से जल्द पुल निर्माण कराने की मांग की है।