न्यूज 11 भारत/पटना डेस्क: दरभंगा के बहेड़ी बाजार स्थित श्यामा सर्जिकल ट्रॉमा सेंटर में प्रसव के दौरान एक गर्भवती महिला और नवजात की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। मृतका की पहचान रोसड़ा निवासी करीब 28-29 वर्षीय अंजली कुमारी के रूप में बताई जा रही है।
महिला और नवजात की मौत के बाद परिजन शव को क्लीनिक में रखकर विरोध करने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. बी.डी. महतो की जांच में क्लीनिक के संचालन को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई है। अधिकारियों के अनुसार, क्लीनिक को सील करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
जांच के दौरान क्लीनिक में सरकारी अस्पताल से संबंधित कुछ पुर्जे और दवाएं मिलने का भी दावा किया गया है। वहीं, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि आशा कार्यकर्ताओं और सरकारी अस्पताल के कुछ कर्मियों की कथित मिलीभगत से मरीजों को निजी क्लीनिकों में भेजा जाता है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर क्लीनिक का संचालन नियमों के विपरीत हो रहा था, तो इतने समय तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
फिलहाल महिला और नवजात की मौत के कारणों के साथ-साथ क्लीनिक के संचालन और लगाए जा रहे आरोपों की जांच जारी है। अधिकारियों ने जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।