जम्मू-कश्मीर के बडगाम में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। मंगलवार देर रात खानसाहिब के पालमेदन मुगपथरी जंगल इलाके में हुई मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, मारा गया आतंकी लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर हाशिम मूसा है।सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने खुफिया इनपुट के आधार पर इलाके में संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। यूसमर्ग के कोराग इलाके में संदिग्ध गतिविधि नजर आने के बाद आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया।सेना ने इस कार्रवाई को ऑपरेशन कोराग नाम दिया है। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। सुरक्षाबलों को आशंका है कि कुछ और आतंकी जंगल में छिपे हो सकते हैं, इसलिए अतिरिक्त जवानों को भी मौके पर भेजा गया है।
चार साल से सक्रिय लश्कर के ग्रुप का एक और आतंकी ढेर
सुरक्षा एजेंसियां 2022 से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा के चार आतंकियों के एक ग्रुप पर नजर रख रही थीं। इसमें जुनैद रमजान अहमद, अबू ताल्हा, यासिर और हाशिम मूसा शामिल थे।जुनैद रमजान को दिसंबर 2024 में मार गिराया गया था। उसके मोबाइल से सुरक्षाबलों को चारों आतंकियों की एक तस्वीर मिली थी। इससे एजेंसियों को इस ग्रुप और उसके नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।इसके बाद अप्रैल 2025 में अबू ताल्हा को मार गिराया गया। अब सितंबर 2026 में यासिर सुलेमान और हाशिम मूसा के मारे जाने के बाद इस ग्रुप के सभी चार आतंकी मारे जा चुके हैं।पहलगाम आतंकी हमले के बाद 2025 में मूसा का एक स्केच भी जारी किया गया था। हालांकि बाद में सामने आया कि वह पहलगाम हमले में शामिल नहीं था।
जुलाई में भी मूसा के मारे जाने की खबर आई थी
28 जुलाई को एक एनकाउंटर के बाद मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि सुरक्षाबलों ने पाकिस्तानी कमांडो से आतंकी बने हाशिम मूसा को मार गिराया है। बाद में यह जानकारी गलत निकली।दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, उस कार्रवाई में मारा गया आतंकी हाशिम मूसा नहीं, बल्कि लश्कर का आतंकी सुलेमान था। 29 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में इसकी पुष्टि करते हुए कहा था कि मारे गए तीन आतंकी पहलगाम हमले में शामिल थे।
सितंबर में अब तक पांच आतंकियों की मौत
बडगाम में हाशिम मूसा के मारे जाने के साथ ही सितंबर में जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग घटनाओं में पांच आतंकियों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है।17 सितंबर: उधमपुर के मजालता इलाके में सेना ने दो पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया। उनकी पहचान सद्दाम और मुस्तफा के तौर पर हुई। दोनों के जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने की बात सामने आई। इनके पास से AK असॉल्ट राइफल, M4 कार्बाइन, ग्लॉक पिस्टल और ग्रेनेड बरामद किए गए।
9 सितंबर: डोडा में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक पाकिस्तानी आतंकी का सड़ा हुआ शव बरामद हुआ था। संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान मिले शव के पास से नाइट विजन क्षमता वाली M4 राइफल भी मिली थी। पुलिस के मुताबिक, यह आतंकी 6 सितंबर को सेओजधार के घने जंगलों में हुई मुठभेड़ में मारा गया था, लेकिन दुर्गम इलाके के कारण उसका शव बाद में बरामद हो सका।
5 सितंबर: बडगाम में यासिर नाम के आतंकी को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था।
अब बडगाम में हाशिम मूसा के मारे जाने के बाद सुरक्षाबलों का फोकस जंगल में चल रहे सर्च ऑपरेशन पर है। इलाके में छिपे किसी अन्य आतंकी की मौजूदगी की पुष्टि के लिए तलाशी अभियान जारी है।