मालाबार के मंदिरों पर टीपू सुल्तान के हमलों का किया था खुलासा
कोच्चि: ष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक और मलयालम साप्ताहिक 'केसरी' के पूर्व संपादक एमए कृष्णन का मंगलवार को यहां अमृता अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वह 97 वर्ष के थे। श्री कृष्णन ने अपनी कलम से मालाबार के मंदिरों को टीपू सुल्तान के हमलों में नष्ट किए जाने का खुलासा भी किया था।
1929 में कोल्लम में हुआ था जन्म
कोल्लम जिले के अयिराकारा में 17 जनवरी, 1929 को जन्मे श्री कृष्णन, करिमपिनपुझा मारवुथोट्टथिल की लक्ष्मीयम्मा और अयिराकारा मंगलथु के पद्मनाभन के पुत्र थे। उन्होंने कुझिक्कलिदावका जीवीएसएचएस से शास्त्री परीक्षा उत्तीर्ण की और बाद में तिरुवनंतपुरम के महाराजा संस्कृत कॉलेज से तर्कशास्त्र (लॉजिक) में 'महोपाध्याय' की योग्यता हासिल की।
श्री कृष्णन रा.स्व.संघ के प्रमुख स्वयंसेवकों में से एक थे, जिन्हें लोग प्यार से 'एमएस सर' कहते थे। उन्होंने केरल में कई सांस्कृतिक, साहित्यिक, शैक्षिक और सामाजिक पहलों, खासकर बच्चों से जुड़ी और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने वाली पहलों में अहम भूमिका निभाई।
बालगोकुलम समेत कई संस्थाओं से जुड़े रहे
वह 'बालगोकुलम' और 'तपस्या कला साहित्य वेदी' के संस्थापकों और मार्गदर्शकों में से एक थे। साथ ही, वह 'अमृतभारती', 'बालसंस्कार केंद्रम', 'बालसाहित्य प्रकाशन', 'इंटरनेशनल श्रीकृष्ण केंद्र' और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए काम करने वाली संस्था 'सौरक्षिका' जैसी पहलों से भी जुड़े थे।