Nepal Floods News: नेपाल में आए जलप्रलय की इस भीषण आपदा में अब तक 160 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 844 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे है। लापता लोगों में कई देशों के सुरक्षाकर्मी, नेपाल पुलिस, नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल के करीब 80 से अधिक जवान और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं।
400 कैलाश मानसरोवर यात्री लापता
वही करीब 400 से अधिक कैलाश मानसरोवर यात्री बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में आकर लापता या फंसे हुए हैं। लापता लोगों में 133 भारतीय नागरिक और तिब्बत—चीन की सीमा से लगे इलाकों में 265 चीनी नागरिक शामिल हैं। इस भीषण तबाही से कंक्रीट के 22 से अधिक पुल और 42 किलोमीटर सड़कें बाढ़ के तेज बहाव में बह गईं। तिब्बत सीमा पर स्थित इमिग्रेशन ऑफिस और कस्टम बिल्डिंग पूरी तरह ढह गए हैं।
क्यों आई बाढ़
तिब्बत सीमा से लगे ऊंचे पर्वतीय इलाके में भूकंप के तेज झटकों या ग्लेशियर झील के फटने के कारण भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में अचानक भारी पानी और मलबे का सैलाब आ गया। पानी के प्रचंड वेग ने गाड़ियों, इमारतों और लोगों को संभलने तक का मौका नहीं दिया।सैलाब की चपेट में आने से एक दर्जन से अधिक पनबिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे नेपाल के कई हिस्सों में गंभीर बिजली संकट पैदा हो गया है।
बाढ़ प्रभावित जिले
करीब 200 किलोमीटर के दायरे में बाढ़ का असर देखा गया है। मुख्य रूप से रसुवा, नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहुं, धाडिंग और नवलपरासी ईस्ट जिले जलप्रलय से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। नेपाल की नदियों से पानी छोड़े जाने के कारण उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों जैसे महराजगंज, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर और बिहार के तराई क्षेत्रों में बाढ़ का हाई अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने प्रभावित लोगों और सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1070 जारी किया है। वही काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने भी आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 977 9851316807, 977 9709107500 जारी किए हैं।
RSS सरकार्यवाह का निवेदन
नेपाल में हुई तबाही को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा है कि नेपाल के उत्तरी सीमावर्ती क्षेत्र में आयी भयंकर बाढ़ से प्रभावित सभी मृतकों के परिजनों एवं पीड़ित तथा घायलों के प्रति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गहरी संवेदना प्रकट करता है। नेपाल में बुधवार को सुबह आयी भीषण बाढ़ के कारण रसुवा, धादिङ्ग, नुवाकोट, चितवन और पूर्वी नवलपरासी ज़िले प्रभावित हुए हैं। इन जिलों में भीषण आपदा में हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। इस आपदा में पीड़ितों के सहयोग हेतु हम सभी तत्पर हैं तथा हर सम्भव सहायता प्रदान करने का प्रयास करेंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समस्त लोगों से अनुरोध करता है कि इस अप्रत्याशित स्थिति में हर संभव सहायता हेतु आगे आएं।