हापुड़/गढ़मुक्तेश्वर: पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर अब गढ़मुक्तेश्वर में गंगा के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। कुछ दिन की राहत के बाद गंगा ने एक बार फिर तेजी से बढ़ना शुरू कर दिया है। मंगलवार शाम को गंगा का जलस्तर बढ़कर 198.82 मीटर पहुंच गया, जो निर्धारित येलो अलर्ट स्तर 198.75 मीटर से ऊपर है। अब गंगा खतरे के निशान 199 मीटर से महज 18 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने गंगा किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
सोमवार को गंगा का जलस्तर 198.75 मीटर दर्ज किया गया था, लेकिन मंगलवार को इसमें सात सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जलस्तर बढ़ने के साथ ही उन ग्रामीणों की बेचैनी भी बढ़ गई है, जो पहले ही जलभराव की समस्या से जूझ चुके हैं। प्रशासन ने भी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए निगरानी बढ़ा दी है और गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
22 अगस्त को भी पहुंची थी खतरनाक स्थिति
इससे पहले 22 अगस्त को गंगा का जलस्तर 198.92 मीटर तक पहुंच गया था। उस दौरान गंगा के आसपास के कई गांव जलभराव की चपेट में आ गए थे। करीब 10 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि में पानी भरने से किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ी थी। गांवों को जोड़ने वाले कई रास्तों पर भी पानी भर गया था, जिसके चलते ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हुआ था।
नाव और ई-ट्रैक्टर बने थे सहारा
जलभराव के दौरान ग्रामीणों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने के लिए नाव और ई-ट्रैक्टर ट्रॉली का सहारा लेना पड़ा था। सबसे अधिक परेशानी पशुपालकों के सामने आई थी। पानी भरने से पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो गया था। अब दोबारा बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों को उसी संकट की आशंका से घेर दिया है।
31 अगस्त के बाद फिर चढ़ने लगा पानी
31 अगस्त को गंगा के जलस्तर में गिरावट शुरू होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिक सकी। शुक्रवार शाम से जलस्तर दोबारा बढ़ना शुरू हुआ और सोमवार के 198.75 मीटर से बढ़कर मंगलवार को 198.82 मीटर पहुंच गया। रेड अलर्ट स्तर 199.33 मीटर निर्धारित है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में ग्रामीणों की सुविधा के लिए आवश्यक कदम उठाने की तैयारी की जा रही है।