वातावरण प्रदूषण

डकरा में गैस के साथ प्रदूषित डस्ट का कहर, ग्रामीणों की सांस पर दोहरी मार!

माइनिंग के दौरान तेज दुर्गंध और उड़ते धूलकण से परेशान लोग, राहगीर नाक-मुंह ढककर गुजरने को मजबूर; सांस-आंखों की समस्या ने बढ़ाई चिंता

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
डकरा में गैस के साथ प्रदूषित डस्ट का कहर, ग्रामीणों की सांस पर दोहरी मार!

मुमताज अहमद/न्यूज11  भारत 

खलारी/डेस्क:  डकरा परियोजना में माइनिंग कार्य के दौरान निकलने वाली गैस की तेज दुर्गंध के साथ उड़ने वाले धूलकणों ने आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों की परेशानी बढ़ा दी है. लोगों का कहना है कि एक ओर माइनिंग के दौरान तेज गंध वाला गैस का गुब्बारा निकलता है, वहीं दूसरी ओर खदान क्षेत्र से उठने वाला डस्ट आसपास के वातावरण में फैलता है. ऐसे में लोगों को साफ हवा के बजाय गैस और धूलकणों के बीच सांस लेने को मजबूर होना पड़ रहा है.

ग्रामीणों के अनुसार माइनिंग के बाद कई बार वातावरण में तेज दुर्गंध और धूल की परत महसूस होती है. सड़क से गुजरने वाले राहगीर नाक-मुंह ढककर निकलते हैं. आसपास रहने वाले परिवारों का कहना है कि धूल और दुर्गंध के कारण सांस लेने में परेशानी, गले में खराश, आंखों में जलन, सिरदर्द और बेचैनी जैसी शिकायतें सामने आती हैं.

सवाल सिर्फ दुर्गंध का नहीं, हवा की गुणवत्ता का है

खदान से निकलने वाली धूल में यदि सूक्ष्म कण अधिक मात्रा में मौजूद हों और उनका लगातार संपर्क बना रहे, तो यह श्वसन तंत्र के लिए नुकसानदायक हो सकता है. लंबे समय तक धूलकणों के संपर्क से खांसी, सांस फूलना और अन्य श्वसन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं. वहीं गैस की प्रकृति जाने बिना उसके स्वास्थ्य प्रभाव को लेकर निश्चित निष्कर्ष निकालना भी उचित नहीं होगा.

इसीलिए ग्रामीणों का सवाल है कि डकरा परियोजना क्षेत्र की हवा की नियमित जांच हो रही है या नहीं? गैस और धूलकणों की मात्रा कितनी है? क्या यह निर्धारित सुरक्षा मानकों के भीतर है?

बीमारी का इंतजार या पहले से सावधानी?

ग्रामीणों का कहना है कि माइनिंग क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ आसपास रहने वाली आबादी और रोजाना सड़क से गुजरने वाले राहगीरों की सेहत भी महत्वपूर्ण है. यदि गैस और डस्ट का असर आबादी तक पहुंच रहा है तो परियोजना प्रबंधन को इसे सामान्य प्रदूषण मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

लोगों ने गैस की प्रकृति की वैज्ञानिक जांच के साथ हवा में धूलकणों की मात्रा की जांच, नियमित एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग, पानी का छिड़काव और धूल नियंत्रण के प्रभावी उपाय करने की मांग की है.

कोयला उत्पादन जरूरी है, लेकिन विकास की कीमत लोगों की सांसों से नहीं वसूली जा सकती. डकरा परियोजना प्रबंधन को अब यह स्पष्ट करना होगा कि माइनिंग के दौरान निकलने वाली गैस और उड़ने वाले डस्ट से आम लोगों को कितना जोखिम है और उससे बचाव के लिए क्या ठोस व्यवस्था की गई है.

यह भी पढ़ें: बरवाडीह स्टेशन पर महाप्रबंधक का सख्त निरीक्षण, यार्ड रिमॉडलिंग से लेकर गुड्स ट्रेन परिचालन तक दिए निर्देश

संबंधित सामग्री

भरनो के महूगांव में स्व. रंथू उरांव की प्रतिमा का हुआ अनावरण, सामाजिक एकता और परंपरा को बचाने का आह्वान

भरनो के महूगांव में स्व. रंथू उरांव की प्रतिमा का हुआ अनावरण, सामाजिक एकता और परंपरा को बचाने का आह्वान

भरनो प्रखंड के मारासिली पंचायत अंतर्गत महूगांव में गुरुवार को सरना समिति महूगांव के तत्वावधान में सरना चौक के समीप स्व. रंथू उरांव की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत अनावरण किया गया.

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति रांची को राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए ‘प्रशंसनीय श्रेणी’ का पुरस्कार

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति रांची को राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए ‘प्रशंसनीय श्रेणी’ का पुरस्कार

सम्मेलन का उद्घाटन 14 सितंबर को हिन्दी दिवस के अवसर पर गृह एवं सहकारिता मंत्री, अमित शाह के द्वारा किया गया.

भैंस चराने के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से 65 वर्षीय बुजुर्ग की मौत

भैंस चराने के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से 65 वर्षीय बुजुर्ग की मौत

छतरपुर प्रखंड के अंतर्गत आने वाले दिनादाग गांव में वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चपेट में आने से एक 65 वर्षीय व्यक्ति की असमय मौत हो गई.

रामगढ़ घूसकांड में कंप्यूटर ऑपरेटर सुजीत पासवान को झारखंड हाईकोर्ट से मिली जमानत 

रामगढ़ घूसकांड में कंप्यूटर ऑपरेटर सुजीत पासवान को झारखंड हाईकोर्ट से मिली जमानत 

रामगढ़ घूसकांड में कंप्यूटर ऑपरेटर सुजीत पासवान को हाईकोर्ट से जमानत मिली है. मामला ACB कांड संख्या 05/2026 से जुड़ा है.

बहुचर्चित रिम्स जमीन घोटाला मामले में आरोपी सोनू कुमार शरण को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, अग्रिम जमानत याचिका मंजूर 

बहुचर्चित रिम्स जमीन घोटाला मामले में आरोपी सोनू कुमार शरण को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, अग्रिम जमानत याचिका मंजूर 

बहुचर्चित रिम्स जमीन घोटाला मामले में आरोपी सोनू कुमार शरण को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. झारखंड हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका मंजूर की.