संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत
पलामू/डेस्क: डाल्टनगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक आलोक कुमार चौरसिया ने झारखंड के राज्यपाल-सह-कुलाधिपति को पत्र भेजकर मेदिनीनगर स्थित नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में व्यापक वित्तीय एवं प्रशासनिक भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच कराने का अनुरोध किया है विधायक ने विश्वविद्यालय में हुई अनियमितताओं के दोषी पदाधिकारियों पर तुरंत FIR दर्ज कराने और पूरे मामले की CBI से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है
विधायक आलोक चौरसिया ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि विश्वविद्यालय में व्याप्त वित्तीय गड़बड़ियों, गबन और दुर्विनियोग को लेकर लगातार विभिन्न स्तरों पर शिकायतें, आवेदन और RTI के माध्यम से मामले सामने आए हैं. उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार के वित्त मंत्री द्वारा भी महामहिम को प्रेषित पत्र में विश्वविद्यालय के वित्तीय मामलों एवं अंकेक्षण (ऑडिट) प्रतिवेदन के आधार पर गंभीर अनियमितताओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया है.
अंकेक्षण रिपोर्ट में परीक्षा कार्यों के संचालन मद में लगभग 2.50 करोड़ रुपये के अनियमित भुगतान, कुलपति की नियुक्ति एवं अवधि विस्तार से संबंधित नियमों, दीक्षांत समारोह के बजट तथा डिजिटल बोर्ड के लिए वर्ष 2021-22 में प्राप्त लगभग 80 लाख रुपये की राशि के उपयोग समेत कई गंभीर वित्तीय गड़बड़ियों का उजागर होना शामिल है.
विधायक ने कहा कि छात्रहित, जनहित एवं विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए इस मामले की जांच केवल विभागीय स्तर तक सीमित न रखकर एक स्वतंत्र निष्पक्ष केंद्रीय एजेंसी CBI से कराई जानी चाहिए, ताकि साक्ष्यों और अभिलेखों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो सके.
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