प्रमोद शर्मा, हापुड़: भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और रक्षा के संकल्प का पावन पर्व रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त, शुक्रवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर बहनें भाइयों की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधकर उनके सुख, स्वास्थ्य, दीर्घायु और उन्नति की कामना करेंगी। वहीं भाई बहन की रक्षा और सम्मान का संकल्प लेते हुए उपहार प्रदान करेंगे।
कब होगी भद्रा समाप्त?
देवलोक कॉलोनी स्थित श्री ज्योतिष कार्यालय के ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पाण्डेय ने बताया कि वैदिक पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त गुरुवार को सुबह 9:09 बजे शुरू होकर 28 अगस्त शुक्रवार को सुबह 9:47 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के दिन सूर्योदय सुबह 5:57 बजे होगा और भद्रा इससे पहले समाप्त हो चुकी होगी, इसलिए भद्रा दोष नहीं रहेगा।
राखी बांधने का मुहूर्त
पंडित सुबोध पाण्डेय के अनुसार राखी बांधने और पूजन का अत्यंत शुभ समय सुबह 6:05 बजे से 9:48 बजे तक रहेगा। आवश्यकता होने पर दोपहर 12:05 से 12:20 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में भी राखी बांधी जा सकती है। उन्होंने बताया कि सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक राहुकाल रहेगा, इसलिए इस अवधि में राखी बांधने से बचना चाहिए।
ऐसे करें राखी का पूजन
ज्योतिर्विद प्रीति पाण्डेय ने बताया कि पूजा के लिए रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, मिठाई, रक्षा-सूत्र, पुष्प, फल तथा भाई के लिए उपहार या दक्षिणा रखें। सबसे पहले भगवान गणेश और इष्टदेव का स्मरण करें। भाई को स्वच्छ आसन पर बैठाकर माथे पर रोली-कुमकुम का तिलक लगाएं, अक्षत लगाएं और दीपक से आरती करें। इसके बाद भाई की दाहिनी कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधें। राखी में तीन गांठ लगाना शुभ माना गया है। मिठाई खिलाने के बाद भाई बहन को यथाशक्ति वस्त्र, उपहार या दक्षिणा देकर उसकी रक्षा और सम्मान का वचन दे। राखी बांधते समय मंत्र “येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥” का जाप किया जा सकता है। परंपरा के अनुसार इसका भाव है कि जिस रक्षा-सूत्र से महाबली राजा बलि को बांधा गया था, उसी रक्षा-सूत्र से भाई की रक्षा का संकल्प लिया जा रहा है।
पंडित पाण्डेय ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि रक्षा, विश्वास, कर्तव्य और पारिवारिक संस्कारों का उत्सव भी है। इस दिन भाई-बहन को आपसी विवाद, कटु वचन और क्रोध से बचना चाहिए। राखी बांधते समय भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखना शुभ माना गया है। वहीं पूर्णिमा भगवान सत्यनारायण का व्रत 27 अगस्त गुरुवार को रखा जाएगा।
चाइनीज मांझे से रहें सावधान
पंडित सुबोध पाण्डेय ने रक्षाबंधन पर पतंग उड़ाने वालों से प्रतिबंधित चाइनीज मांझे, नायलॉन, सिंथेटिक तथा कांच या धातु से लेपित मांझे का प्रयोग नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहार की खुशी किसी परिवार के लिए मातम में नहीं बदलनी चाहिए। उन्होंने संदेश दिया,“पतंग उड़ाएं, लेकिन सुरक्षित धागे से; खुशियां बांटें, हादसे नहीं। सुरक्षित पतंगबाजी, सुरक्षित समाज।”