प्रमोद शर्मा, हापुड़: यूजीसी के विरोध में सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने सुबह से ही राष्ट्रीय सैनिक संस्था के पदाधिकारियों पर शिकंजा कस दिया। प्रदर्शन के लिए घरों से निकलने की तैयारी कर रहे कई पदाधिकारियों को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। पुलिस कार्रवाई से संस्था के पदाधिकारियों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।
हाउस अरेस्ट की कड़ी निंदा
राष्ट्रीय सैनिक संस्था के प्रदेश प्रवक्ता ज्ञानेंद्र त्यागी ने पुलिस की हाउस अरेस्ट कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यूजीसी के कथित काले कानून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वापस लिए जाने तक आंदोलन और विरोध जारी रहेगा। उनका आरोप है कि यह कानून समाज को बांटने और तोड़ने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि देश को एकजुट रखना है तो इस कानून को वापस लेना जरूरी है।
यूजीसी स्वर्ण के लिए काला अध्याय
संस्था के जिला अध्यक्ष मुकेश त्यागी ने कहा कि यूजीसी कानून उनके अनुसार स्वर्ण समाज के लिए काला अध्याय है और इसे समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सैनिक संस्था इस मुद्दे को लेकर अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेगी। उनके मुताबिक संस्था के प्रमुख पदाधिकारियों को पुलिस ने सुबह ही घर के अंदर नजरबंद कर दिया था।
ये हुए होम अरेस्ट
बताया गया कि वरिष्ठ जिला संयोजक हरिराज सिंह त्यागी और सोनू कंसल को तगासराय में पुलिस ने होम अरेस्ट कर लिया। हालांकि पुलिस की सख्ती के बावजूद जिला संरक्षक शशांक मुनि त्यागी, जिला सचिव मुकेश प्रजापति, नगर उपाध्यक्ष राजकुमार वर्मा, चौधरी और सीताराम जाटव समेत कुछ पदाधिकारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने में सफल रहे। प्रदर्शन को लेकर पुलिस की सक्रियता चर्चा का विषय बनी रही।