इंदौर विभाग के 'चरैवेति एकत्रीकरण' में 345 बस्तियों के स्वयंसेवकों ने लिया भाग
समाज में बदलाव के लिए पंच परिवर्तन पर दिया जोर
संगठन के साथ एकजुट हों समाज की सज्जन शक्तियां

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह अतुल लिमये ने कहा है कि संघ की शाखा से जुड़ने के लिए शिक्षा, आर्थिक स्थिति या सामाजिक प्रतिष्ठा की कोई अनिवार्यता नहीं है। मन में देशभक्ति का भाव ही शाखा और संघ से जुड़ने की प्रमुख अर्हता है। शाखा में सभी स्वयंसेवक समान भाव से कार्य करते हैं। श्री लिमये बुधवार को इंदौर में संघ शताब्दी वर्ष समारोह के चरैवेति कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन इंदौर विभाग द्वारा आयोजित किया गया था। जिसमें पांच जिलों की 345 बस्तियों के स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
श्री लिमये ने कहा कि समाज की समस्याओं के समाधान और संतसकारात्मक परिवर्तन के लिए केवल संगठन का प्रयास पर्याप्त नहीं है। समाज की सज्जन शक्ति को भी साथ आना होगा। समाज निर्माण का कार्य जगन्नाथ के रथ के समान है, जिसे आगे बढ़ाने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।
समाज के आचरण में परिवर्तन आवश्यकः उन्होंने कहा कि संघ ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए पंच परिवर्तन का संकल्प लिया है। संगठन के 100 वर्षों की यात्रा में व्यापक विस्तार हुआ है।
संघ से जुड़ने के लिए देशभक्ति... लेकिन इससे संतुष्टि का भाव नहीं आना चाहिए। समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचने के साथ कार्य की गुणवत्ता बनाए रखना भी जरूरी है। विचारों के प्रसार के साथ समाज के व्यवहार में भी परिवर्तन दिखाई देना चाहिए। किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं हो और समाज में आत्मीयता तथा समरसता का भाव बढ़े।
सामाजिक संस्थाओं के साथ समन्वय होः सह सरकार्यवाह ने कहा कि देश और समाज के सामने उपस्थित चुनौतियों के समाधान के लिए शासन और समाज को मिलकर कार्य करना होगा। सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में सक्रिय संस्थाओं के साथ संवाद एवं समन्वय बढ़ाना आवश्यक है। समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण और कार्य की व्यवस्था विकसित करते हुए सभी को साथ लेकर चलना होगा।
उन्होंने कहा कि संघ ने पिछले 100 वर्षों में शाखा के माध्यम से व्यक्ति निर्माण की विशिष्ट पद्धति विकसित की है। सेवा, प्रचार, संपर्क और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्रहित के कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उद्योगपति एवं समाजसेवी प्रशांत शाह ने राष्ट्र निर्माण में संघ के अनुशासन और देशभक्ति को अनुकरणीय बताया। एकत्रीकरण का प्रारंभ ध्वजारोहण और संघ प्रार्थना से हुआ। इसके बाद स्वयंसेवकों ने सामूहिक योग प्रदर्शन किया। इंदौर विभाग कार्यवाह रित्नेश रघुवंशी ने शताब्दी वर्ष में आयोजित कार्यक्रमों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मालवा प्रांत संघचालक डॉ. प्रकाश शास्त्री, विभाग संघचालक डॉ. मुकेश मोढ़ सहित संघ के पदाधिकारी, सामाजिक एवं औद्योगिक क्षेत्र के प्रमुख व्यक्ति और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी पूर्ण गणवेश में कार्यक्रम में शामिल हुए।
डॉ. भागवत ने भोपाल में की जैन मुनि से मुलाकात

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत बुधवार सुबह अल्प प्रवास पर भोपाल पहुंचे। यहां उन्होंने एमपी नगर के पास चातुर्मास कर रहे जैन मुनि समय सागर महाराज से मुलाकात की।