राजेश जायसवाल, महरागंज: भारत-नेपाल सीमा से सटे नौतनवा क्षेत्र भुंडी बाईपास के पास रहने वाला एक व्यक्ति सहित दर्जनों ऐसे द्वारा अलग-अलग नामों से दर्जनों फर्मों का GST पंजीकरण कराए जाने और इनके जरिए करोड़ों रुपये के कपड़े का कारोबार किए जाने की चर्चा इन दिनों क्षेत्र में बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा नेपाल के कपड़ा कारोबारियों का बड़े पैमाने पर माल मंगाकर अलग-अलग गोदामों में रखता है और बाद में सीमा क्षेत्र के रास्ते नेपाल भेजने का काम करता है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक संबंधित व्यक्ति का कोई स्पष्ट और बड़ा पारंपरिक व्यवसाय नजर नहीं आता, लेकिन कम समय में उसके द्वारा कथित रूप से करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप यह भी है कि अलग-अलग GST फर्मों के नाम पर कपड़े का कारोबार दिखाकर नेपाल के व्यापारियों तक बड़ी मात्रा में माल पहुंचाया जाता है।
कुछ लोगों का दावा है कि माल को सीमा क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर रखकर छोटे वाहनों और कैरियरों के माध्यम से नेपाल भेजा जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित फर्मों से होने वाला पूरा कारोबार वैध दस्तावेजों और निर्धारित सीमा शुल्क प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है या नहीं। बताया जा रहा है कि पूर्व में संबंधित विभाग द्वारा उक्त कारोबारी से जुड़े ठिकानों पर जांच अथवा छापेमारी की कार्रवाई भी की गई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के बाद मामला आगे नहीं बढ़ा। हालांकि, इस संबंध में विभागीय रिकॉर्ड और अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने नही आया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर दर्जनों GST फर्मों का संचालन किस प्रकार किया जा रहा है, इन फर्मों का वास्तविक कारोबार कितना है, माल की खरीद-बिक्री कहां से होती है और भारत से नेपाल तक माल भेजने में कौन-कौन से दस्तावेज और कस्टम प्रक्रिया अपनाई जाती है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो GST, सीमा शुल्क और अन्य संबंधित विभागों के स्तर पर इसकी जांच से पूरे नेटवर्क की तस्वीर सामने आ सकती है। फिलहाल क्षेत्र में इस कथित कारोबार को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं और लोगों की नजर संबंधित विभागों की कार्रवाई पर टिकी है।