प्रमोद शर्मा, हापुड़/बाबूगढ़: खुद को शातिर समझने वाले अपराधी चाहे जितना भी शातिर बन ले, लेकिन हापुड़ पुलिस के शिकंजे से ज्यादा दिन बच नहीं सकता। ऐसा ही एक मामला बाबूगढ़ में सामने आया है, जहां 7 साल से फरार चल रहा 25 हजार का इनामी बदमाश आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
हापुड़ पुलिस के वांछित अपराधियों की धरपकड़ अभियान के तहत थाना बाबूगढ़ पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मुखबिर की पुख्ता सूचना पर पुलिस टीम ने ग्राम कोटा अट्टा मार्ग पर मुर्गी फार्म के पास घेराबंदी की। खुद को घिरता देख भागने की फिराक में लगे अभियुक्त को पुलिस ने दबोच लिया। तलाशी में उसकी कमर से 315 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान कपिल पुत्र हाकम सिंह निवासी ग्राम कोटा हरनाथपुर, थाना बाबूगढ़ के रूप में हुई है। यह कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं, बल्कि शराब तस्करी के अंतर्राज्यीय गैंग से जुड़ा शातिर है। पुलिस रिकॉर्ड खंगाला तो होश उड़ गए। कपिल वर्ष 2019 से थाना बांसडीह, जनपद बलिया में दर्ज शराब तस्करी के मामले मु0अ0सं0 114/19 में वांछित चल रहा था। इस पर 25 हजार का इनाम घोषित था। इतना ही नहीं, इस पर पंजाब के पटियाला के थाना राजपुरा सिटी में भी धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज है। हापुड़ में भी इस पर हाल ही में दो नए मुकदमे दर्ज हुए हैं।
पूछताछ में पता चला कि बलिया और पंजाब में वारदात को अंजाम देकर वह अपने गांव में आकर छिप जाता था और मुर्गी फार्म की आड़ में अपना नेटवर्क चलाता था। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि अभियुक्त के खिलाफ थाना बाबूगढ़ पर आर्म्स एक्ट में मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया गया है। उसकी निशानदेही पर और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।