मध्यप्रदेश में अक्टूबर के आखिरी दिनों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। चक्रवात अर्नब कमजोर होकर अवदाब में बदल चुका है, लेकिन इसका असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। मौसम विभाग ने पूर्वी मध्यप्रदेश के 9 जिलों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है।भोपाल समेत पश्चिमी और मध्य मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में भी मौसम बिगड़ सकता है। ऐसे में अगले 24 घंटे प्रदेश के कई इलाकों के लिए सतर्क रहने वाले हैं।
9 जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी मध्यप्रदेश के सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया और मैहर में भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है।बारिश के साथ तेज हवाओं का खतरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा के झोंके चलने की आशंका जताई है।
अर्नब तूफान कमजोर, फिर भी पूर्वी MP में बारिश जारी
चक्रवात अर्नब अब कमजोर पड़ चुका है। यह दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे दक्षिण ओडिशा के ऊपर अवदाब में तब्दील हो गया है। हालांकि, मौसम प्रणाली के प्रभाव से पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं।सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी और मैहर में कई स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। कुछ इलाकों में तेज बारिश होने का भी अनुमान है।यही वजह है कि तूफान कमजोर होने के बावजूद प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मौसम का असर कम नहीं हुआ है।
भोपाल में 30 से 40 KM की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
राजधानी भोपाल सहित पश्चिमी और मध्य मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाएं चलने की संभावना है। यहां हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।वहीं, भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, हरदा, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर और मुरैना में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
शहडोल संभाग में सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। 29 अक्टूबर को शहडोल संभाग में ज्यादातर स्थानों पर बारिश हुई। रीवा और जबलपुर संभाग में कुछ जगहों पर पानी गिरा, जबकि नर्मदापुरम और सागर संभाग में भी कहीं-कहीं बारिश दर्ज की गई।इस दौरान अमरकंटक में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई।
फिलहाल प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। खासकर पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में मौसम पर नजर रहेगी। लोगों को आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले मैदानों तथा पेड़ों के नीचे रुकने से बचने की सलाह दी जाती है।