इंदौर। पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय के निलंबित प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान की संपत्तियों का ब्योरा लगातार बढ़ रहा है। लोकायुक्त को अब देवास के राजोदा में 1.15 हेक्टेयर कृषि भूमि के दस्तावेज मिले हैं। यह जमीन फिरोज की महिला मित्र रोशनी वर्मा और परिचित रानू कुशवाह के नाम पर खरीदी गई थी। रजिस्ट्री में इसकी कीमत करीब 1.65 करोड़ रुपये दर्ज है, जबकि लोकायुक्त ने बाजार मूल्य करीब 2.30 करोड़ रुपये आंका है।
राजोदा की जमीन में मां के खाते से भी भुगतान
लोकायुक्त के एसपी डॉ. राजेश सहाय के मुताबिक राजोदा में पहले सामने आई कृषि भूमि के अलावा एक और सौदे का ब्योरा मिला है। 11 जून 2024 को पटवारी हल्का नंबर 68 में 1.15 हेक्टेयर जमीन खरीदी गई। दस्तावेजों में यह जमीन रोशनी वर्मा और रानू कुशवाह के नाम दर्ज है। रजिस्ट्री में कीमत 1 करोड़ 65 लाख 2 हजार 498 रुपये बताई गई है। जांच में एक और बात चौंकाने वाली निकली। जमीन खरीदी का कुछ भुगतान फिरोज खान ने अपनी मां वहीदा के खाते से किया। इसका रजिस्ट्री में बाकायदा जिक्र भी है।
अब तक 51 संपत्तियां आईं सामने
नई जानकारी के बाद लोकायुक्त की जांच में फिरोज खान और उससे जुड़े लोगों की कुल 51 अचल संपत्तियों का पता चला है। गाइडलाइन के हिसाब से इनकी खरीद कीमत करीब 19.94 करोड़ रुपये है। अनुमानित मौजूदा बाजार कीमत 68.01 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है। चल और अचल संपत्तियों का कुल मूल्य 21.65 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।
14 अक्टूबर की सर्च कार्रवाई के बाद जांच जारी
लोकायुक्त ने 14 अक्टूबर को फिरोज खान के अलग अलग आवासों और दूसरे ठिकानों पर सर्च कार्रवाई की थी। इसके बाद से संपत्तियों के दस्तावेज, रजिस्ट्री और खरीद के स्रोतों की पड़ताल चल रही है। जांच में फिरोज के साथ दूसरे लोगों के नाम पर दर्ज संपत्तियों का ब्योरा भी सामने आ रहा है।
विवादित जमीनों का संगठित गिरोह चलाने का आरोप
एसपी डॉ. राजेश सहाय के अनुसार फिरोज खान संगठित गिरोह की तरह विवादित जमीनों की खरीद फरोख्त में लगा था। उसने परिवारों के आपसी झगड़े का फायदा उठाया और किसानों की जमीनों का औने पौने दामों पर सौदा कर लिया। इस मामले में फिरोज के अलावा कई पुलिसकर्मियों के शामिल होने का अंदेशा भी जताया गया है।