शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में दो घटनाओं में 6 लोगों की जान चली गई। दोनों में मरने वाली महिलाएं सगी बहनें थीं और दोनों के साथ उनके बच्चे भी थे। एक के बाद एक आई इन खबरों से बैराड़ इलाके और आसपास के गांवों में मातम पसरा है। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर लिया है।
पहले गुंगरगांव में हादसा हुआ
पहली घटना बैराड़ थाना क्षेत्र के गुंगरगांव की है। यहां 35 साल की अंजली रावत ने अपनी तीन बेटियों को कुएं में धकेल दिया। इसके बाद वह 6 साल के बेटे प्रशांत को लेकर खुद भी कुएं में कूद गई। राहत की बात यह रही कि सबसे बड़ी बेटी मोनिका किसी तरह खुद को और अपनी दो छोटी बहनों को बचाने में कामयाब रही। वह दौड़कर घर पहुंची और परिवार वालों को सब बताया। परिजन मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद अंजली और प्रशांत को बाहर निकाला। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
डेढ़ महीने पहले उजड़ा था परिवार
परिजनों के मुताबिक करीब डेढ़ महीने पहले अंजली के पति धर्मवीर रावत की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उसके बाद अंजली गहरे मानसिक तनाव में रहने लगी थी। परिवार का मानना है कि इसी तनाव में उसने यह कदम उठाया।
सेसाई गांव में सगी बहन के साथ भी वही दर्दनाक अंत
दूसरी घटना सेसाई गांव से जुड़ी है। इसे पहली घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। अंजली की सगी बहन 40 साल की सीता रावत को अपने तीन बच्चों राखी,प्रियंका और श्लोक के साथ खोनकर गांव के एक खेत में गई थीं। राखी 14 साल की, प्रियंका 11 साल की और श्लोक 6 साल का था। शाम करीब 6 बजे तक जब कोई घर नहीं लौटा तो परिवार के लोग उन्हें ढू़ढने निकले।
तलाश के दौरान एक कुएं के पास चप्पलें दिखीं और पानी में एक बच्चे का शव नजर आया। सूचना पर पुलिस पहुंची और रात करीब 11 बजे रेस्क्यू कर सीता और उनके तीनों बच्चों के शव बाहर निकाले गए।
गर्भ में पल रहे बच्चे की भी गई जान
पुलिस के अनुसार सीता 8 महीने की गर्भवती थीं। हादसे में उनके गर्भ में पल रहे शिशु की भी मौत हो गई। रिश्तेदारों का कहना है कि दोनों बहनों में बहुत गहरा लगाव था और वे हर सुख दुख में एक दूसरे के साथ खड़ी रहती थीं। उनके मुताबिक अंजली की मौत के बाद सीता ने यह कदम उठाया। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।