मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि और मंत्र

Navratri 2026: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा आज, जानें भोग, मंत्र और पूजन विधि

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करें। जानें पूजा विधि, प्रिय भोग, फूल, शुभ रंग, मंत्र और आराधना से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं।

By : नरेंद्र कुमार
Navratri 2026: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा आज, जानें भोग, मंत्र और पूजन विधि

शारदीय नवरात्रि का दूसरा  दिन मां ब्रह्मचाररिणी  की आराधना के लिए समर्पित है.भक्त मां के इस स्वरूप की पूजा-अर्चमना कर  रहे हैं.मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी की उपासना से जीवन में धैर्य, संयम और आत्मविश्वास बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है। ऐसे में अगर आप भी आज पूजा करने जा रहे हैं, तो जान लीजिए पूजन विधि से लेकर प्रिय भोग, मंत्र और शुभ रंग तक की जरूरी बातें

मां ब्रह्मचारिणी देवी दुर्गा का दूसरा स्वरूप हैं

मां ब्रह्मचारिणी देवी दुर्गा का दूसरा स्वरूप हैं। उनके एक हाथ में जपमाला और दूसरे हाथ में कमंडल रहता है. यह स्वरूप तपस्या, त्याग, साधना और आत्मसंयम का प्रतीक माना जाता है.धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी की आराधना व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देती है। नवरात्रि के इस दिन भक्त विशेष रूप से देवी की पूजा कर सुख-शांति और मानसिक स्थिरता की कामना करते हैं।

मां ब्रह्मचारिणी का पंसस का रंग

नवरात्रि के दूसरे दिन सफेद रंग पहनना शुभ माना जाता है। सफेद रंग शांति, पवित्रता और सरलता का प्रतीक है। भक्त चाहें तो सफेद या पीले वस्त्र पहनकर मां की पूजा कर सकते हैं। हालांकि, वस्त्रों का रंग आस्था और परंपरा के अनुसार चुनना भी उचित है।

पूजा में मां को कौन-से फूल चढ़ाएं?

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा में फूलों का विशेष महत्व माना जाता है। भक्त देवी को सफेद या लाल फूल अर्पित कर सकते हैं। चमेली, कमल और गुड़हल के फूल चढ़ाने की परंपरा भी प्रचलित है। पूजा के दौरान साफ-सफाई और श्रद्धा का ध्यान रखें।

मां को लगाएं मिश्री और खीर का भोग

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी को मिश्री और शक्कर का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इसके अलावा दूध से बनी मिठाइयां, सफेद बर्फी और खीर भी अर्पित की जा सकती हैं.भोग लगाने के बाद देवी की आरती करें और प्रसाद परिवार के सदस्यों व अन्य भक्तों में बांट दें। पूजा में अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार भोग तैयार किया जा सकता है।

मां ब्रह्मचारिणी के मंत्र

पूजा के दौरान मां ब्रह्मचारिणी के मंत्रों का जाप किया जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार इन मंत्रों का पाठ कर सकते हैं।

बीज मंत्र

ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥

ध्यान मंत्र

दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

देवी स्तुति मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

श्रद्धालु चाहें तो अपनी सुविधानुसार मंत्र का 108 बार जाप कर सकते हैं।

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधान

नवरात्रि के दूसरे दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करें और मां दुर्गा तथा कलश को प्रणाम कर पूजा शुरू करें.सबसे पहले हाथ में जल और अक्षत लेकर पूजा और व्रत का संकल्प लें. फिर देवी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने घी का दीपक और धूप जलाएं। चाहें तो पूजा स्थल पर गंगाजल का छिड़काव भी कर सकते हैं.इसके बाद मां को कुमकुम, चंदन, अक्षत, हल्दी और सुगंधित इत्र अर्पित करें। सफेद या पीले फूल चढ़ाकर देवी के मंत्रों का जाप करें. फिर मिश्री, शक्कर, खीर या दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं.पूजा के अंत में मां ब्रह्मचारिणी की आरती करें और सुख-शांति की प्रार्थना करें. पूजा के दौरान स्वच्छता, श्रद्धा और अपनी पारिवारिक परंपराओं का ध्यान रखना महत्वपूर्ण माना जाता है.

इन बातों का रखे ध्यान

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा में श्रद्धा और संयम को विशेष महत्व दिया जाता है। पूजा सामग्री उपलब्ध न होने पर अनावश्यक चिंता करने के बजाय अपनी सामर्थ्य के अनुसार पूजा करें। व्रत रखने वाले लोग अपनी सेहत और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपवास करें.नवरात्रि के इस दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना के साथ भक्त तप, धैर्य और आत्मसंयम के महत्व को याद करते हैं। अब दिनभर मंदिरों में पूजा-अर्चना और घरों में धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्रद्धालु मां का आशीर्वाद लेने में जुटे रहेंगे।

 

संबंधित सामग्री

Navratri 2026:मां कालरात्रि की पूजा से दूर होंगे संकट? सप्तमी पर जानें शुभ मुहूर्त, मंत्र और गुड़ के भोग का महत्व

Navratri 2026:मां कालरात्रि की पूजा से दूर होंगे संकट? सप्तमी पर जानें शुभ मुहूर्त, मंत्र और गुड़ के भोग का महत्व

शारदीय नवरात्रि 2026 में सप्तमी के दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाएगी। जानिए शुभ मुहूर्त, मंत्र और गुड़ के भोग का महत्व।

Oct 17, 2026
Shardiya Navratri 2026: आज मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें विधि, मंत्र और महिषासुर वध की कथा

Shardiya Navratri 2026: आज मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें विधि, मंत्र और महिषासुर वध की कथा

नवरात्र 2026 के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा विधि, मंत्र, भोग और महिषासुर वध की कथा जानें। मंगल दोष से जुड़े ज्योतिषीय उपाय भी पढ़ें।

Oct 13, 2026
मां दुर्गा की आरती: नवरात्रि में करें ‘अम्बे तू है जगदम्बे काली’ का पाठ, जानें इसका महत्व

मां दुर्गा की आरती: नवरात्रि में करें ‘अम्बे तू है जगदम्बे काली’ का पाठ, जानें इसका महत्व

शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा और आरती का खास महत्व है। ‘अम्बे तू है जगदम्बे काली’ आरती में मां के कई रूपों की स्तुति की गई है। जानिए आरती का महत्व और पूजा में इसे शामिल करने की परंपरा।

Oct 11, 2026
Maihar Sharda Mandir: नवरात्रि के पहले दिन मैहर शारदा मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, इतने श्रद्धालु पहुंचे

Maihar Sharda Mandir: नवरात्रि के पहले दिन मैहर शारदा मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, इतने श्रद्धालु पहुंचे

मैहर में शारदीय नवरात्रि मेले की शुरुआत रविवार को मां शैलपुत्री की पूजा के साथ हुई पहले दिन दोपहर तक करीब 1 लाख श्रद्धालुओं ने मां शारदा के दर्शन किए। भक्तों ने व्यवस्थाओं की तारीफ की।

Oct 11, 2026
Sharad Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि आज से शुरू, जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

Sharad Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि आज से शुरू, जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

शक्ति की आराधना के पावन पर्व शारदीय नवरात्रि की आज से शुरुआत हो चुकी है। नवरात्रि के पहले दिन घरों से लेकर देवी मंदिरों तक घटस्थापना के साथ मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां...

Oct 11, 2026