देश के यशस्वी गृह मंत्री श्री अमित शाह की भारतीय राजनीति में पहचान एक ऐसे रणनीतिकार की है, जिन्होंने संगठन निर्माण, चुनावी प्रबंधन और राष्ट्रीय नीति निर्धारण के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट छाप छोड़ी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ एक लंबे अर्से से सामंजस्य बनाते हुए उन्होंने सत्ता और संगठन के बीच ऐसा समन्वय स्थापित किया, जिससे भारतीय जनता पार्टी की राजनैतिक यात्रा को नई दिशा मिली तथा चतुर्दिक व्यापक जनाधार प्राप्त हुआ। सार्वजनिक जीवन में किसी व्यक्ति की पहचान उसके पद से आगे बढ़कर उसके निर्णयों, संगठनात्मक क्षमता, कार्य के प्रति प्रतिबद्धता और जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभाव से निर्मित होती है।
भारतीय राजनीति में श्री अमित शाह की पहचान संगठन निर्माण, चुनावी रणनीति, प्रशासनिक निर्णयों और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों से जुड़ी रही है। प्रधानमंत्री
श्री नरेंद्र मोदी के विश्वसनीय सहयोगी के रूप में उनकी राजनीतिक यात्रा ने राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया है। संगठनात्मक जिम्मेदारियों से लेकर केंद्रीय मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण दायित्वों तक का उनका सफर उनकी राजनीतिक कार्यशैली, रणनीतिक सोच और नेतृत्व के विभिन्न पहलुओं को सामने लाता है।
व्यक्तित्व में अध्ययन, कार्यशैली में अनुशासन
श्री अमित शाह से मेरी पहली मुलाकात का प्रसंग आज भी स्मृति पटल पर अंकित है। दिल्ली स्थित उनके निवास पर चर्चा के दौरान उनकी स्मरणशक्ति और सामाजिक-राजनैतिक विषयों की गहरी समझ ने मुझे बहुत प्रभावित किया।
लेखक- सुरेश पचौरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं