सुरेश पचौरी। भारत का हृदय कहा जाने वाला मध्यप्रदेश एक नवम्बर 1956 को अस्तित्व में आया। प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण झीलों की नगरी भोपाल इसकी राजधानी बनी। विविधताओं से समृद्ध मध्यप्रदेश में प्रचुर वन संपदा, अथाह जलराशि से भरपूर नदियां, विपुल खनिज भंडार, खूबसूरत पर्यटन स्थल, धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्र और समृद्ध पुरातात्विक धरोहरें विद्यमान हैं। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदलने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। डबल इंजन की सरकार प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणी मध्यप्रदेश
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिशा-निर्देशन में मध्यप्रदेश केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन और उनका लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में लगातार अग्रणी बना हुआ है। जैविक खेती, मसाला उत्पादन, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन तथा दलहन उत्पादन में प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत 10 लाख आवासों में से नौ लाख का निर्माण पूरा हो चुका है। गेहूं उपार्जन, तिलहन उत्पादन और फूलों की खेती में प्रदेश दूसरे स्थान पर है। स्वच्छ सर्वेक्षण में मिले आठ राष्ट्रीय पुरस्कार स्वच्छता के प्रति नगरीय निकायों और नागरिकों के प्रयासों का प्रमाण हैं। वहीं, 35 वर्षों बाद प्रदेश का नक्सलमुक्त होना आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है।
निवेश के मामले में बड़ी उपलब्धि
मध्यप्रदेश में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से लगभग 34 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश धरातल पर उतर चुके हैं। यह उपलब्धि प्रदेश में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में सरकार के प्रयासों को रेखांकित करती है।
गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के कल्याण को समर्पित सरकार
गरीब कल्याण
प्रदेश के 1.33 करोड़ गरीब परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न वितरित किया जा चुका है। छह प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के माध्यम से 56 लाख से अधिक हितग्राहियों को प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। संबल योजना से 1.84 करोड़ से अधिक भाई-बहन जुड़े हैं। स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को संपत्ति का मालिकाना हक दिलाने के लिए स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन निःशुल्क करने का निर्णय भी सराहनीय है।
युवा सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। पिछले पौने तीन वर्षों में 85 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। शिक्षा, कौशल, रोजगार, स्वरोजगार, स्टार्टअप, खेल और नेतृत्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए पहली बार खेलो एमपी यूथ गेम्स का आयोजन किया गया।
अन्नदाता किसान
कृषि क्षेत्र के लिए 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। समर्थन मूल्य पर 14 लाख से अधिक किसानों ने गेहूं का विक्रय किया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 11,608 करोड़ रुपये से अधिक स्वीकृत किए गए, जबकि आपदा प्रभावित किसानों को 2,106 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई। ई-पंजीयन व्यवस्था लागू करने वाला प्रदेश देश का पहला राज्य बना है। किसानों को पांच रुपये में बिजली का स्थाई कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।
नारी शक्ति
विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक-2026 और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में ऐतिहासिक संकल्प पारित किया गया है। लाड़ली लक्ष्मी योजना से 53 लाख 55 हजार से अधिक बेटियां लाभान्वित हो रही हैं। लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत 1.25 करोड़ से अधिक बहनों को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक 63,248 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। पांच लाख से अधिक स्वसहायता समूहों से जुड़ी 65 लाख महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं और साढ़े 15 लाख लखपति दीदियां लाभान्वित हुई हैं। शासकीय नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।
विकास की उड़ान भरता मध्यप्रदेश
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश जिस गति से विकास पथ पर अग्रसर है, उससे प्रदेशवासियों में नई आशा और विश्वास का संचार हुआ है। सरकार की नीतियों, निर्णयों और योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह प्रदेश की सरकार की जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का परिचायक है। मध्यप्रदेशवासियों के लिए यह गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का प्रदेश से आत्मीय लगाव है। उनके मध्यप्रदेश आगमन पर प्रदेश को अनेक सौगातें मिलती रही हैं। मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के सुअवसर पर प्रदेशवासियों की खुशहाली, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक मंगलकामनाएं।

(लेखक भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं।)