बिजनेस। शेयर बाजार में मंगलवार को खरीदारों का दिन रहा। सेंसेक्स 685 अंक बढ़कर 73067.81 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी भी 220.35 अंक की बढ़त के साथ 22776.10 पर पहुंच गया। लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बाजार हरे निशान में रहा। बिकवाली का दबाव घटा तो निवेशकों ने भी राहत की सांस ली। तेजी किसी एक सेक्टर तक सीमित न होकर कई हिस्सों में दिखाई दी।
रिलायंस और एचयूएल ने बढ़ाया बाजार का हौसला
दिग्गज शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज और हिस्दुस्तान यूनिलीवर ने बाजार को सबसे ज्यादा सहारा दिया। दोनों के शेयर करीब तीन फीसदी चढ़े। उधर रुपये की चाल थोड़ी सुस्त रही। डॉलर के मुकाबले रुपया आठ पैसे कमजोर होकर 96.43 पर बंद हुआ। यह आंकड़ा अस्थायी है। बाजार की चुनौतियां अब भी खत्म नहीं हुई है। इसलिए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
किन सेक्टरों में रही खरीददारी और कहां दिखा दबाव
सबसे ज्यादा कमाई रसायन क्षेत्र में हुई। उसके बाद फार्मा और तेल व गैस सेक्टर ने भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। प्राइवेट बैंक, एफएमसीजी और वित्तीय सेवाओं के शेयर भी मजबूत रहे। छोटे और मझोले शेयरों में भी निवेशकों की अच्छी हिस्सेदारी दिखी। दूसरी तरफ आईटी सेक्टर के बाजार के लिए सबसे बड़ा बोझ बना रहा। रियल्टी, सरकारी बैंक, सीमेंट और आरईआईटी में भी कमजोरी रही। इन सेक्टरों में निवेशकों की दिलचस्पी कम नजर आई और इनके सूचकांक नीचे बंद हुए।
शेयर बाजार में तेजी की वजहें
भारतीय शेयर बाजार में तेजी की वजहों में पहली वजह कच्चे तेल की कीमतों में नरमी रही। भाव 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गए। इससे कंपनियों की लागत घटने की उम्मीद बढ़ी।
-दूसरी वजह दूसरी तिमाही के मजबूत कारोबारी अपडेट रहे। उन्होंने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
- तीसरी वजह बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट रही। इससे शेयर में पैसा लगाना ज्यादा आकर्षक हो गया।
-चौथी वजह मजबूत वैश्विक संकेत रहे। इनका सीधा असर भारतीय बाजार पर दिखा।