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एंटेरटैनमेंट/डेस्क: मीना कुमारी भारतीय सिनेमा की वह जानी-मानी और खूबसूरत अभिनेत्री हैं, जिन्होंने अब तक एक से बढ़कर एक फिल्में की हैं. सभी फिल्मों में उनकी अदाकारी और एक्सप्रेशन बेहद लाजवाब है. दिलचस्प बात यह है कि मीना कुमारी को भारतीय सिनेमा में 'ट्रैजडी कुईन' कहा जाता है. दरअसल, उन्होंने ज्यादातर फिल्मों में दर्दभरे, त्याग और उदासी भरे किरदार निभाए हैं. इसके अलावा उनकी असली जिंदगी में भी काफी संघर्ष था. इसलिए मीना कुमारी का नाम 'ट्रैजडी कुईन' पड़ा.

दर्द भरा था आखिरी गाना
मीना कुमारी की आखिरी फिल्म 'पाकिजा' थी. यह फिल्म 1972 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म का गाना 'चलते चलते यूहीं कोई मिल गया' उनकी आखिरी गानों में से एक था.

खराब तबीयत में किया गया शूट
मीना कुमारी ने इस गीत में शानदार परफॉरमेंस दिया था. हालांकि, इस गीत के शूट के दौरान उनकी तबीयत कुछ ठीक नहीं थी. फिर भी उन्होंने शूट बीच में छोड़ा नहीं और अपनी शानदार अदाकारी से लोगों का दिल भी जीता.

असल जिंदगी में भी किया संघर्ष
वह पर्दे पर तो अपनी उदासी और दर्द भरे किरदार के लिए जानी जाती ही थी. लेकिन उनकी असल जिंदगी भी ऐसी ही थी. बचपन से ही आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण उन्होंने बस चार साल की उम्र से ही काम करना शुरू कर दिया था. कुछ समय बाद उन्हें करियर में तो सफलता मिल गई. मगर उनकी शादीशुदा जिंदगी में शांति नहीं रही. शादी के बाद घरेलू कलह और पाबंदियों के चलते पति कमल अमरोही से अलग हो गईं. पति से अलग होने के बाद मीना काफी अकेली हो चुकी थी. और अपनी असफल शादी एवं अकेलेपन के चलते उन्होंने शराब पीना शुरु कर दिया था. जिसके बाद उनकी तबीयत और भी ज्यादा खराब रहने लग गई. साल 1972 में लिवर सिरोसिस होने के कारण 38 की उम्र में ही उनका निधन हो गया.
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