देश के कई हिस्सों में मौसम ने एक साथ गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। भूटान में शिंताफू ग्लेशियल झील फटने के बाद पश्चिम बंगाल और असम के सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। उधर, ओडिशा में भारी बारिश के चलते तीन जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं और करीब 62 हजार लोग प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए हैं।इस बीच चक्रवाती तूफान अर्नब कमजोर पड़ चुका है, लेकिन उसके प्रभाव से मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए 14 राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
भूटान में ग्लेशियल झील फटी, बंगाल-असम में बढ़ी चिंता
भूटान की शिंताफू झील से अचानक पानी निकलने के बाद ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की स्थिति बनी है। इसके बाद भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार और कूचबिहार में संकोश नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते हाई अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 10 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया है।संभावित बाढ़ से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन की नजर नदी के जलस्तर और आसपास के निचले इलाकों पर बनी हुई है।
ओडिशा में बाढ़ से बिगड़े हालात, 62 हजार लोग प्रभावित
ओडिशा में चक्रवात अर्नब के प्रभाव से हुई भारी बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। गंजाम, गजपति और कंधमाल जिले बाढ़ की चपेट में हैं।गंजाम जिले के करीब 300 गांवों का संपर्क दूसरे इलाकों से टूट गया है। वहीं, गंजाम और गजपति में लगभग 62 हजार लोग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे बताए जा रहे हैं।राहत और बचाव अभियान में NDRF की 54 टीमें जुटी हैं। अब तक 120 लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा चुका है। कई इलाकों में जलभराव के कारण सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।