भूटान में ग्लेशियर झील फटने से निकले पानी ने पश्चिम बंगाल के उत्तर बंगाल में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। संकोश नदी में पानी का स्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए अलीपुरद्वार और कूचबिहार समेत कई इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। अलीपुरद्वार जिले में 10 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है । प्रशासन ने NDRF और SDRF की टीमों को भी सतर्क कर दिया है।
भूटान से संकोश नदी की ओर बढ़ रहा पानी
यह घटना भूटान के गासा जिले में ग्लेशियर झील फटने के बाद हुई है। इससे बड़ी मात्रा में पानी मो छू नदी के रास्ते संकोश नदी की ओर बढ़ा है संकोश नदी भारत में प्रवेश करती है, इसलिए इसके किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है ।
पश्चिम बंगाल के मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने बताया कि पानी अगले 5 से 6 घंटे में मैदानी इलाकों तक पहुंच सकता है। उन्होंने नदी के आसपास रहने वाले लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की है।
10 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला
अलीपुरद्वार के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार शॉ के मुताबिक करीब 4 से 5 हजार लोगों को सरकारी स्कूलों में बनाए गए राहत शिविरों में रखा गया है । वहीं, 6 हजार से ज्यादा लोगों को ऊंचे और सुरक्षित इलाकों में पहुंचाया गया है।
राहत शिविरों में पीने का पानी, भोजन, सूखा राशन और शौचालय की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और सरकारी निर्देशों का पालन करने को कहा है ।
पानी के साथ आ सकता है मलबा
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि पानी के तेज बहाव के साथ पेड़, मिट्टी और कंक्रीट का मलबा भी आ सकता है । शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पानी का बहाव कुछ कम हुआ है लेकिन संकोश नदी के आसपास खतरा बना हुआ है।
असम के धुबरी जिले में भी प्रशासन को सतर्क किया गया है । दोनों राज्यों के अधिकारी नदी के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। फिलहाल लोगों को नदी और निचले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।