ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने एक बार फिर चुनाव जीत लिया है । 80 साल के लूला ने 25 अक्टूबर को हुए दूसरे दौर के मतदान में फ्लावियो बोल्सोनारो को हराकर चौथी बार राष्ट्रपति पद हासिल किया। चुनाव आयोग के अंतिम आंकड़ों के मुताबिक, लूला को 51.79% और फ्लावियो को 48.21% वोट मिले।
इस चुनाव में लूला ने पहले दौर की हार को जीत में बदल दिया। 4 अक्टूबर को हुए पहले दौर में फ्लावियो को 47.03% वोट मिले थे जबकि लूला को 45.16% वोट मिले थे। दूसरे दौर में लूला ने करीब 44 लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की ।
पिता को हराया, अब बेटे को भी दी मात
लूला पहले 2003 से 2010 तक लगातार दो कार्यकाल राष्ट्रपति रहे । इसके बाद 2022 में उन्होंने जायर बोल्सोनारो को हराकर सत्ता में वापसी की थी। अब 2026 में उन्होंने जायर के बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो को मात दी है।
लूला का राजनीतिक सफर भी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। भ्रष्टाचार के मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा था, लेकिन बाद में उनकी सजा रद्द हो गई। इसके बाद उन्होंने राजनीति में वापसी की और राष्ट्रपति बने।
भारत के लिए क्यों अहम है यह जीत?
ब्राजील लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और भारत का अहम साझेदार भी है। दोनों देश व्यापार, कृषि, ऊर्जा, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग करते हैं। लूला की वापसी से भारत-ब्राजील सहयोग को आगे बढ़ाने के अवसर बने रह सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के करीबी माने जाने वाले फ्लावियो की हार के बाद ब्राजील की विदेश नीति और अमेरिका के साथ उसके रिश्तों पर नजर रहेगी।